उधर, क्षेत्र की संदेश नगर कालोनी में पेशे से हॉकर आशीष बंगाली के घर में भी ताले काटकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। चोर अलमारी में सेफ तोड़कर करीब दस लाख के सोने चांदी के जेवरात एवं करीब 45 हजार की रकम ले उड़े। रविवार को ही आशीष बंगाली अपनी रिश्तेदारी में आयोजित मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने बिजनौर गए थे। सुबह के वक्त पड़ोसियों ने उन्हें चोरी होने की सूचना दी। एसपी सिटी ने बताया कि चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा किया जाएगा। सीआईयू एवं कनखल पुलिस की टीमों को खुलासा के लिए लगाया गया है।
साहब, जरा इधर भी ध्यान दो
एसओ कनखल हरिओमराज चौहान को लाइन हाजिर कर देने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पूरे शहर में चोरी की घटनाएं घट रही हैं। ज्वालापुर, रानीपुर में तो चोरों का बोलबाला है, लेकिन गाज केवल एसओ कनखल पर ही गिरी। इस बात को लेकर हरिद्वार पुलिस में खासी चर्चा है। बहादराबाद में तो चौबीस घंटे में लूट की दो वारदात घट गई, लेकिन एसओ तो छोड़िए एक कांस्टेबल तक पर गाज नहीं गिरी। वहीं जहां अमेजॉन का गोदाम है, वह क्षेत्र जगजीतपुर चौकी में आता है, लेकिन चौकी प्रभारी और रात्रि ड्यूटी वाले सभी कांस्टेबल पूरी तरह से सुरक्षित हैं। ऐसे में एसओ पर कार्रवाई होने का मामला दिनभर पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बना रहा।
दूसरे रास्ते से आए थे
अमेजॉन स्टोर में चोरी की घटना को अंजाम देने वाले चोर दूसरे रास्ते से आए थे। यह सीसीटीवी कैमरे में साफ दिखाई दे रहा है। स्टोर के सामने ही एक कंपनी के कार्यालय में हर वक्त सिक्योरिटी गार्ड तैैनात रहता था, लेकिन संडे की रात को वह भी नहीं था। यदि गार्ड होता है तो संभवत चोरी न हो पाती।
पहले हटे, फिर मिली महत्वपूर्ण जानकारी
एसओ पिरान कलियर रहते हुए लाइन हाजिर हुए एसआई संतोष कुंवर को ज्वालापुर कोतवाली का एसएसआई बनाने पर हर कोई हैरान दिखा। दरअसल, धाराओं का ज्ञान न होने के कारण ही उन्हें एसओ के पद से हटाया गया था और अब फिर एसएसआई जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे दी गई। एसओ रहते हुए संतोष कुंवर ने एनसीआर में इस्तेमाल होने वाली धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली थी, इसी अज्ञानता के कारण ही उनकी कुर्सी हिली थी।