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हरक सिंह रावत: कड़क अंदाज... सनसनीखेज खुलासे, बोले- भाजपा ने खनन माफिया के पैसे से बनाई 30 करोड़ की एफडी

Fri, 22 Aug 2025 01:14 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत एक बार फिर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह कह रहे हैं कि भाजपा को चलाने के लिए जो 30 करोड़ की एफडी बनी है, मैंने भी उसमें एक करोड़ रुपये दिए हैं। मैं उस समय वन मंत्री था। मैंने भी खनन माफिया से लाकर पैसा दिया।
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पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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सीबीआई और ईडी जांच एजेंसियों की पकड़ ढीली पड़ते ही पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के तेवर दिखने लगे हैं। पूरे कड़क अंदाज में उन्होंने सनसनीखेज खुलासा किया कि भाजपा ने खनन माफिया के पैसे से बैंक में 30 करोड़ की एफडी बनाई। डॉ. रावत का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

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इस वीडियो में वह राज्य सरकार की खनन नीति पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। एक दिन पहले ही उन्होंने सीबीआई और ईडी की जांच में क्लीन चिट मिलने का दावा किया और उसके बाद उन्होंने कांग्रेस भवन में मीडियाकर्मियों के समक्ष सत्तारूढ़ भाजपा पर हमला बोला। वायरल वीडियो में डॉ. रावत कह रहे हैं, मैं सच कहूं, भाजपा को चलाने के लिए जो 30 करोड़ की एफडी बनी है, मैंने भी उसमें एक करोड़ रुपये दिए हैं। मैं उस समय वन मंत्री था। मैंने भी खनन माफिया से लाकर पैसा दिया।

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मैं तो कहता हूं मेरी भी जांच होनी चाहिए...
मेरे में भी दोष है, मैं तो कहता हूं मेरी भी जांच होनी चाहिए। वह यहीं चुप नहीं होते हैं। कहते हैं, 30 करोड़ की एफडी में किस-किस ने पैसा दिया है, ईडी ईमानदारी से जांच कर ले तो, पूरी भाजपा जेल में होगी। मैं वन मंत्री था तो मैंने रामनगर और हल्द्वानी में जाकर खनन ठेकेदारों से कहा कि 10-10 लाख के चेक लाओ। हरक कहते हैं कि भाजपा सरकार खनन पर अपना डंका पीट रही है, लेकिन खनन पट्टों के आवंटन सही नहीं है।

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उनका कहना है कि ऊधमसिंह नगर में खनन पट्टे बांटे जाने के नाम पर लूट मची है। आगे वह कहते हैं कि वह खनन के खिलाफ नहीं हैं। खनन होना चाहिए लेकिन तकनीकी तरीके से। आसपास की बस्तियों को नुकसान नहीं होना चाहिए। उन्होंने खनन पट्टों के आवंटन की तुलना पूर्व सीएम डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक के समय में ऋषिकेश में कथित भूमि आवंटन से की। कहा कि खनन के पट्टों के आवंटन की ईडी जांच करे तो सरकार भी जेल में होगी।
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