15 मई को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ चल रही सीबीआई जांच की संस्तुति को वापस लेने के फैसले को पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
इस पर मंगलवार को न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष हुई सुनवाई में कोर्ट ने मामले को किसी अन्य कोर्ट को भेजने के लिए चीफ जस्टिस केएम जोसेफ को संदर्भित कर दिया है।
कैबिनेट के निर्णय को बताया गलत
हरक सिंह ने याचिका दायर कर कहा था कि 15 मई को रविवार था और उसी दिन सरकार ने अपने विधि सलाहकार से राय लेकर मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ चल रही सीबीआई जांच वापस लेने की संस्तुति की। याचिका में कहा गया है कि कैबिनेट द्वारा निर्णय लिया गया है वह गलत है।
यह भी कहा गया कि जब एक बार किसी मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति हो जाती है उसे दोबारा वापस लेने की संस्तुति नहीं की जा सकती है। इस प्रकरण पर कोर्ट ने कहा कि इसी संबंध में अन्य याचिका जो मुख्यमंत्री द्वारा दाखिल की गई है, उस पर सुनवाई लंबित है इसलिए इस प्रकरण पर सुनवाई के लिए अन्य कोर्ट को रेफर करने के लिए चीफ जस्टिस को भेज दिया गया है।