पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत प्रकरण में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ऑफिस को आरोपित करने वाली महिला दिल्ली के दूसरे पते पर भी नहीं मिली। मोबाइल लोकेशन के आधार पर दून पुलिस बयान दर्ज करने दिल्ली पहुंची थी। एफआईआर में दर्ज कराया गया पहला पता भी सही नहीं पाया गया था, वहां पर मकान के बजाय कपड़े की दुकान मिली थी। पुलिस टीम फिर खाली हाथ वापस लौट आई है।
दिल्ली के सफदरजंग थाने में एक महिला ने जुलाई माह में पूर्व मंत्री और भाजपा नेता हरक सिंह रावत के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कराया था। तीन दिन बाद नाटकीय तरीके से महिला ने अपने आरोपों से मुकरते हरक सिंह को क्लीन चिट दे दी थी।
महिला ने मुख्यमंत्री हरीश रावत के निजी सचिव पर पूरी साजिश रचने का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी। इस मामले में सीएम के निजी सचिव कमल सिंह रावत ने शहर कोतवाली में महिला और अन्य के खिलाफ बदनाम करने की नीयत से मिथ्या प्रचार करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में महिला के बयान न होने के कारण पुलिस की विवेचना आगे नहीं बढ़ पा रही है।
संपर्क की कोशिश में पुलिस
महिला के बयान दर्ज कराने के लिए विवेचक दिल्ली गई थी, लेकिन दूसरे पते पर महिला नहीं मिल सकी है। परिचितों के माध्यम से महिला से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अभी तक वह सामने नहीं आई है। महिला के बयान से काफी कुछ साफ होने की उम्मीद है।
-एमए गणपति, पुलिस महानिदेशक