जल्द ही अब विश्व प्रसिद्घ हरकी पैड़ी की सूरत बदलने जा रही है। यह अब जल्द ही मुख्य और आकर्षक रूप रंग में नजर आएगी।
एचआरडीए ने अब हरकी पैड़ी क्षेत्र को सजाने-संवारने और भव्यता देने के लिए पहल करने की ठानी है। हरिद्वार का मुख्य आकर्षण और महत्व हरकी पैड़ी तथा उसके साथ अवरिल बहती निर्मल गंगा ही है।
देश-विदेश से यहां आने वाला हर यात्री व पर्यटक निश्चित रूप से हरकी पैड़ी जरूर जाता है। वर्तमान परिवेश में हरकी पैड़ी का अपेक्षित विकास नहीं हुआ है। बृहस्पतिवार को एचआरडीए बोर्ड ने पहली बार हरकी पैड़ी क्षेत्र के परंपरागत स्वरूप को बरकरार रखते हुए विकास तथा सुंदरीकरण करने का बीड़ा उठाया है।
योजना कुंभ 2021 से पहले क्षेत्र को नए रंग रूप से संवारने की है। भव्यता देने के लिए हरकी पैड़ी क्षेत्र में रंग-बिरंगी सजावटी लाइटें, टाइल्स, सुंदर स्टाल, वाटर कूलर, चेंजिंग रूम आदि कार्यों के साथ हरकी पैड़ी क्षेत्र के सभी पुलों का रंग-रोगन व लाइटों से आकर्षक बनाया जाएगा। गंगा सभा की सहमति से पंड़ो के बेतरतीब ढंग से लगे तख्तों को भी व्यवस्थित किया जाएगा।
वर्ष 1986 में एचआरडीए की स्थापना तीर्थनगरी में नियोजित विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ही किया गया था। लेकिन उसने यही काम नहीं किया। बृहस्पतिवार को 63वीं बोर्ड बैठक के एजेंड़े से कुछ बदला हुआ सा दिखता है, जिसका परीक्षण अभी होना है।