लेह लद्दाख में भारतीय सेना के जवान
लेह-लद्दाख की सर्द अंधेरी रातों में भी दुश्मन अब सेना के जवानों से बच नहीं पाएंगे। आयुध निर्माणी (ऑर्डिनेंस फैक्ट्री) ने अत्याधुनिक अनकूल्ड हैंड हेल्ड थर्मल इमेजर तैयार की है।
इससे बेहद ठंडे इलाकों में रात को भी आसानी से दुश्मन की गतिविधियों का पता चल सकेगा। यह जानकारी आयुध निर्माणी के वरिष्ठ महाप्रबंधक डीएम पुरी ने दी। उन्होंने बताया कि जल्द ही सेना और अर्द्ध सैन्य सुरक्षा बलों के लिए इसका निर्माण शुरू किया जाएगा।
भारतीय सेना के पास वर्तमान में नाइट विजन तकनीक है। लेकिन, इस तकनीक का इस्तेमाल करने के लिए कम से कम मून या स्टार लाइट की जरूरत पड़ती है। लंबे समय से ऐसी नाइट विजन तकनीक की जरूरत महसूस की जा रही थी, जिससे घने अंधेरे में भी दुश्मन को पहचाना जा सके। आयुध निर्माण देहरादून ने इस तकनीक पर काम शुरू किया। कुछ वर्षों की मेहनत के बाद अत्याधुनिक अनकूल्ड हैंड हेल्ड थर्मल इमेजर तैयार हो गया।
आयुध निर्माणी के वरिष्ठ महाप्रबंधक डीएम पुरी ने आयुध निर्माण दिवस के मौके पर बताया कि इस डिवाइस की रेंज एक किलोमीटर होगी। इस पर न तो ठंड में असर पड़ेगा और ना ही अंधेरे से कोई रुकावट आएगी। बर्फीले इलाकों में घोर अंधेरी रातों में भी यह डिवाइस काम करेगी। एक किलोमीटर दूर तक दुश्मन की हर हरकत पर 24 घंटे नजर रखी जा सकेगी। गुणवत्ता के मामले में भी यह डिवाइस अब तक उपलब्ध दूसरी थर्मल इमेजर के मुकाबले काफी बेहतर है। आयुध निर्माण ने जल्द ही इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने की योजना बनाई है। इसके बाद यह सेना और अर्द्ध सैन्य बलों को उपलब्ध कराई जाएगी।
सेना के तीनों अंगों को मिलेगा फायदा
अनकूल्ड हैंड हेल्ड थर्मल इमेजर डिवाइस से सेना के तीनों अंगों को लाभ मिलेगा। ऐसा होने से सेना पड़ोसी देशों के नापाक मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगी। यह डिवाइस सेना की ताकत में और ज्यादा इजाफा करेगी।