रोडवेज ने पहाड़ और मैदान के लिए भेजीं बसें
रोडवेज ने रविवार को पहाड़ और मैदान के लिए बसों का संचालन किया। हल्द्वानी से करीब 60 बसों का संचालन हो सका। बनभूलपुरा में हिंसा के कारण तीन दिनों से रोडवेज की सेवा भी प्रभावित हुई है। कर्फ्यू लगने के कारण पहाड़ और अन्य शहरों से यात्री नहीं आने से रोडवेज की बसें भी डिपो में ही खड़ी हो रही थी। रविवार को कर्फ्यू हटने के बाद लोगों ने घरों से निकलना शुरू किया है। रविवार को नैनीताल, दिल्ली, देहरादून, गुरुग्राम, लुधियाना, चंडीगढ़, लखनऊ, बरेली, मुरादाबाद सहित अन्य शहरों के लिए भी बसें संचालित हुई। टनकपुर जाने वाली बसों को वाया लालकुआं भेजा गया। चोरगलिया की तरफ बसों का संचालन रविवार को भी बंद रहा। एआरएम सुरेंद्र बिष्ट ने बताया कि रविवार को यात्रियों की संख्या बढ़ी थी। पहाड़ से भी यात्री आने लगे हैं। दिल्ली, देहरादून से लौट रही बसें भी अब यात्रियों को लेकर आ रही हैं। इससे आय में भी बढ़ोत्तरी हुई है। शनिवार तक जहां 2-3 लाख रुपये तक आय हो रही थी, रविवार को यह आंकड़ा 8 लाख रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
बरेली भेजीं तीन अतिरिक्त बसें
बरेली में गेट का सेंटर शिफ्ट होने के कारण परीक्षार्थियों को छोड़ने के लिए रोडवेज ने लगातार दूसरे दिन विशेष बसें बरेली के लिए भेजीं। एआरएम सुरेंद्र बिष्ट के अनुसार सुबह साढ़े पांच बजे दो बसें बरेली के लिए परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राओं को लेकर रवाना हुई थीं। साढ़े 10 बजे एक अन्य बस बरेली भेजी गई। संवाद
टैक्सी स्टैंड पर भी यात्रियों का इंतजार
रविवार को भोटिया पड़ाव टैक्सी स्टैंड पर टैक्सियां तो बहुत नजर आईं, लेकिन यहां यात्री नहीं थे। टैक्सी चालक दोपहर के समय यहां सवारियों का इंतजार करते हुए नजर आए। टैक्सी चालक प्रवीन ने बताया कि अल्मोड़ा, नैनीताल से कुछ टैक्सियां आई हैं और कुछ गई भी हैं, लेकिन यात्री नहीं हैं। वहीं, काठगोदाम टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष किशन पांडे ने बताया कि अल्मोड़ा, नैनीताल के लिए कुछ टैक्सियां गई हैं। यात्री नहीं होने के कारण कई टैक्सियां खड़ी रहीं।