अंकित और उसकी प्रेमिका माही
पुलिस ने ऐसे खोला था केस
घटना के दिन पुलिस कार्बन मोनोआक्साइड से मौत मानकर चल रही थी। पोस्टमार्टम में जैसे ही दो पैरों में सांप के काटने की बात सामने आई तो एसएसपी पंकज भट्ट ने इसका पोस्टमार्टम दो डॉक्टरों के पैनल से करवाया। दो डॉक्टरों के पैनल ने जब पोस्टमार्टम किया तो मौत का कारण और पुख्ता हो गया। अंकित के दोनों पैरों पर एक ही जगह सर्पदंश के निशान थे।
इसके बाद एसएसपी ने चार टीम सीसीटीवी जांचने के लिए, चार मैनुअल टीम और एक सर्विलांस टीम बनाकर जांच कराई। अंकित की प्रेमिका की कॉल डिटेल निकाली गई जिसमें पता चला कि माही अंकित, सपेरे और दीप कांडपाल से लगातार बात कर रही थी।
जांच में अंकित की कार करीब छह बजे माही के घर जाते हुए दिखी। करीब 11 बजे कार वहां से निकली। इसके बाद कार भुजियाघाट और फिर वहां से गौलापार जाते हुए दिखाई दी। फिर तीनपानी रेलवे क्रॉसिंग के पास दिखाई दी और वहीं खड़ी कर दी गई। इसके बाद करीब एक बजे एक कार और आई। वह अंकित की कार के बगल में ढाई मिनट रुकी। इसके बाद कार चली गई। पुलिस ने सपेरे रमेश नाथ, दीप कांडपाल और माही के नंबर को सर्विलांस पर लगाया। सभी नंबर बंद चल रहे थे।
रविवार को सपेरे का नंबर खुल गया जिसकी लोकेशन अदकटा भोजीपुरा में मिली। यह गांव सपेरों का है। यहां से पुलिस ने पता किया तो पता चला कि रमेश नाथ हल्द्वानी गया है। पुलिस ने रमेश नाथ को हल्द्वानी से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पूरा घटनाक्रम खुल गया।