प्रशासन की टीम ने बाल श्रम की शिकायत पर मंगलवार को न्यू आवास विकास में एक मकान में छापा मारकर असोम की 10 वर्षीय बच्ची को बरामद किया। बच्ची मेडिकल के लिए भेजा गया है। इसके बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के पास भेज दिया जाएगा।
डीएम सविन बंसल को सूचना मिली थी कि न्यू आवास विकास क्षेत्र में एक व्यक्ति के भवन के द्वितीय तल पर रहने वाली किराएदार पिंकी हजारिका के घर एक नाबालिग है। डीएम के आदेश पर एसडीएम विवेक राय ने श्रम विभाग और पुलिस टीम के साथ छापा मारा। एसडीएम राय ने बताया कि वहां असोम निवासी दस वर्षीय बच्ची मिली।
बच्ची ने आसोम की भाषा में लिखित स्थानांतरण प्रमाण पत्र दिखाया। उसने बताया कि सात माह से पिंकी के यहां रहती है। उसके माता-पिता नहीं है। छह बड़े भाई हैं। बच्ची ने बताया कि पिंकी मेरे साथ खेलती हैं और कोई घरेलू काम नहीं कराती। 24 अगस्त को तंबाकू खाने पर पिंकी हजारिका ने अपने बेटे और उसे दो थप्पड़ मारे थे।
इसके अलावा कोई पिटाई नहीं की गई। पिंकी तीनों समय भोजन और कपड़े देती है और भाई को प्रतिमाह तीन हजार रुपये भेजती है। टीम में सहायक श्रमायुक्त कमल जोशी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी मीनाक्षी कांडपाल, राजस्व निरीक्षक सुरेश चंद्र बुधलाकोटी, राजस्व उप निरीक्षक दीपक नेगी, पुलिस कांस्टेबल गीता सनवाल एवं संदीप पांडे आदि थे।
उधर, थानाध्यक्ष नंदन सिंह रावत ने बताया कि श्रम प्रवर्तन अधिकारी मीनाक्षी कांडपाल की तहरीर पर टेढ़ी पुलिया निवासी पिंकी हजारिका पत्नी राजीव कुमार के खिलाफ धारा 14ए,16 बाल एवं किशोर श्रम प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी तरह का काम कराना गैरकानूनी है। होटल समेत घरों पर ऐसे बच्चों से जो लोग काम करा रहे हैं उनके यहां छापे मारे जाएंगे।
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विवेक राय, एसडीएम