गौला पार के इंटरनेशनल स्टेडियम के रखरखाव पर हर माह लाखों रुपये का खर्च आएगा। एक अनुमान के मुताबिक स्टेडियम के मेंटेनेंस, सुरक्षा, साफ-सफाई, मैदान, स्वीमिंग पूल की देखभाल पर करीब 14-15 लाख रुपये का खर्च आएगा। रखरखाव पर भारी भरकम खर्च के कारण सरकार इसे अपने स्वामित्व में रखने के बजाय निजी हाथों में देने की तैयारी कर रही है।
मई बाद सरकार जारी करेगी टेंडर
इंटरनेशनल स्टेडियम को निजी हाथों में देने के लिए सरकार टेंडर जारी करेगी। मई बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। दरअसल, मई के अंत तक लोकसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता भी प्रभावी है। जो भी कंपनी सरकारी टेंडर में सरकार के नियमों में फिट बैठेगी उसे ही स्टेडियम के रखरखाव की जिम्मेदारी मिलेगी।
स्टेडियम का निर्माण अभी चल रहा है। मई के अंत तक आचार संहिता प्रभावी है। मई के बाद स्टेडियम को पीपीपी मोड पर देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसका टेंडर निकाला जाएगा।
- प्रताप साह, खेल निदेशक, उत्तराखंड