उत्तराखंड को 2018 में होने वाले राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी का मौका मिला है मगर इंतजाम हवा हवाई हैं। कुमाऊं के स्टेडियम तो अब तक बनकर तैयार नहीं हुए हैं।
गौलापार में बन रहे अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में अब तक एथलीट स्टेडियम के लिए जमीन नहीं मिल पाई है जबकि इसे जुलाई में बनकर तैयार हो जाना था। जबकि शासन से 190 करोड़ के एवज में कंस्ट्रक्शन कंपनी को 140 करोड़ रुपया मिल भी चुका है।
कांग्रेस सरकार ने 2014 में गौलापार में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का शिलान्यास किया था। 73 एकड़ जमीन में यह स्टेडियम बनना था मगर खेल निदेशालय ने कार्यदायी संस्था नागार्जुन कंपनी को सिर्फ 39 एकड़ ही जमीन सौंपी।
अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की लागत 190 करोड़ तय की गई। कार्यदायी संस्था को यहां क्रिकेट स्टेडियम, इंडोर स्टेडियम और एथलीट स्टेडियम बनाना था। निर्माण की समय सीमा जुलाई 2017 रखी गई थी। कार्यदायी संस्था का आरोप है कि एथलीट स्टेडियम के लिए अब तक जमीन नहीं सौंपी गई है।
इंडोर स्टेडियम का काम भी है अधूरा
international stadium haldwani
जुलाई में इंडोर स्टेडियम स्टेडियम पूरा हो जाना चाहिए था। इस इंडोर स्टेडियम में स्वीमिंग पुल, बॉस्केट बाल कोर्ट, जिमानास्टिक, बॉक्सिंग रिंग आदि बनने थे लेकिन अभी तक यहां 65 प्रतिशत ही काम पूरा हुआ है। ऐसे में इसे भी पूरा होने में लंबा समय लगेगा।
इन पर चल रहा है काम
स्वीमिंग पुल
इंडोर स्टेडियम
बॉस्केट बाल कोर्ट
जिमानास्टिक
बॉक्सिंग रिंग
छात्रावास को नहीं मिला पैसा
अंतररष्ट्रीय स्टेडियम में 200 खिलाड़ियों के रहने के लिए छात्रावास भी बनना था लेकिन शासन की ओर से न तो इसके लिए विस्तृत डीपीआर रिपोर्ट बनाई न ही बजट का आवंटन किया गया।
सिर्फ क्रिकेट स्टेडियम हुआ तैयार
अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में क्रिकेट स्टेडियम बनकर तैयार हो गया है। इसमें अब सिर्फ बिजली का कनेक्शन लिया जाना है। इसके लिए कंस्ट्रक्शन कंपनी ने पॉवर कॉरपोरेशन में आवेदन किया हुआ है।
हमारी कंपनी को एथलीट स्टेडियम बनाना है लेकिन सरकार की ओर से हमें जमीन उपलब्ध नहीं कराई गई है। इस काम को जुलाई में पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन जमीन न मिलने के कारण काम नहीं हो पाया है।
- सत्यनारायण रेड्डी प्रोजेक्ट मैनेजर नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी
हल्द्वानी मिनी स्टेडियम का काम भी अधूरा
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- फोटो : amar ujala
राष्ट्रीय खेलों के कुछ मैच हल्द्वानी मिनी स्टेडियम में भी होने हैं लेकिन इसका काम भी कछुआ रफ्तार से चल रहा है। यहां अब तक 68 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है जबकि इसे जून में पूरा हो जाना था। यह स्टेडियम 14.35 करोड़ रुपये से बनना था। शासन की ओर से कार्यदायी संस्था यूपी निर्माण निगम को 12.12 करोड़ रुपये आवंटित भी हो गए।
ये बनना था हल्द्वानी स्टेडियम में
- बैडमिंटन के चार कोर्ट
- टेबल टेनिस के चार कोर्ट
- जिम
- स्कॉश के तीन कोर्ट
- छात्रावास के 12 कमरे
- एक हजार सीट का पवेलियन
निर्माणदायी संस्था की ओर से कार्य पूरा नहीं करने के कारण खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 2018 में राष्ट्रीय खेल होने हैं, लेकिन खिलाड़ियों का प्रशिक्षण नहीं हो पा रहा है।
- अख्तर अली जिला क्रीडा अधिकारी नैनीताल