हज यात्रा के लिए आवेदन करने का आज आखिरी मौका है। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने कम आवेदन के चलते अंतिम तिथि बढ़ा दी थी, लेकिन फिर भी लोग यात्रा के लिए दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। कोरोना संक्रमण और महंगे किराये को इसका कारण माना जा रहा है। शुक्रवार तक महज 644 लोगों ने ही आवेदन किया था।
कोरोना संकट के बीच हज यात्रा 2021 के लिए नवंबर 2020 से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया चल रही है, लेकिन इस बार आवेदकों में उत्साह नहीं है। इसका मुख्य कारण कोरोना और हज यात्रा का किराया अधिक होना माना जा रहा है।
हज कमेटी ऑफ इंडिया ने आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि दस दिसंबर तय की थी, लेकिन कम आवेदन आने के कारण इसे बढ़ाकर दस जनवरी कर दिया गया था। प्रदेश में शुक्रवार तक कुल 644 आवेदन आए हैं जबकि आवेदन जमा करने की आज आखिरी तिथि है।
पिछली बार करीब 2500 आवेदन आए थे, लेकिन कोरोना महामारी के चलते 2020 की हज यात्रा को स्थगित कर सभी आवेदकों का पैसा लौटा दिया गया था। वहीं, इस बार कम संख्या में आवेदन की वजह किराया महंगा होना और कोरोना की वजह से लगाई गई बंदिशों को माना जा रहा है।
इस बार किराया लगभग साढ़े तीन लाख रुपये जबकि पिछली बार दो लाख 87 हजार रुपये था। हज कमेटी के अध्यक्ष एवं दर्जाधारी शमीम आलम ने बताया कि अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय और हज कमेटी ऑफ इंडिया मुंबई से आवेदन की तिथि बढ़ाने की मांग की जाएगी।
वहीं, इस बार हज यात्रा पर जाने के 72 घंटे पहले यात्री को कोरोना का टेस्ट कराना होगा। अगर कोविड टेस्ट पॉजिटिव आ गया तो वह यात्री हज यात्रा पर नहीं जा पाएगा। कोविड की वजह से हज की अवधि भी 40 दिन से घटाकर 30 से 35 दिन की कर दी गई है। कोरोना की वजह से ही गर्भवती महिलाओं, कैंसर, लीवर, किडनी, दिल की बीमारी आदि से जूझ रहे लोगों के हज यात्रा पर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।