उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष हवाई किराया 67419 था जो इस बार जीएसटी और अन्य टैक्स लगाकर 70100 कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने सब्सिडी खत्म कर किराए में बढ़ोतरी की गई है। जिससे हाजियों पर भार बढ़ गया है।
सब्सिडी को खत्म करने के बाद किराया कम करना चाहिए था जबकि किराया कम करने के बजाय उसमें पिछले साल से ज्यादा बढ़ोतरी की गई। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि जीएसटी लगने से बढ़े किराए को लेकर प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर हज आवेदकों के किराए से जीएसटी हटाने की मांग की गई है। इस मौके पर शाहिद अली, अब्दुल कादिर, रफत, गुलसाद सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।