Iग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से लगाई मुआवजे की गुहार
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Iनकदी और दलहनी फसलों को पहुंचा नुकसानI
विकासखंड चकराता के दुर्गम में स्थित सैंज, कुनैन, अमराड़, झबराड़, खरोड़ा, कुताड़ समेत आधा दर्जन से अधिक गांवों में हुई ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा।
बुधवार को मौसम ने अचानक करवट ली। दोपहर बाद तेज बारिश और हवाओं के साथ करीब 15 मिनट ओलावृष्टि हुई। जिससे धान के साथ ही दलहनी और नकदी फसलों को नुकसान पहुंचा। बारिश के चलते ठंड भी बढ़ गई है। ग्राम प्रधान कुनैन अजीत राणा, अमराड़ झबराड़ के प्रधान सहजराम डिमरी, महिपाल राणा, नारायण राणा, राजेंद्र चौहान ने बताया कि बीते सोमवार को भी क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई थी।
ओलावृष्टि से मटर, बींस, मिर्च, गोभी, धान, राजमा, कुलथी, उड़द, सोयाबीन की फसल को नुकसान पहुंचा है। मटर की फली पर दाग पड़ गया है। चार दिन के भीतर दो बार हुई ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने तहसील प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। प्रभारी तहसीलदार चकराता केडी जोशी ने बताया कि क्षेत्रीय राजस्व उपनिरीक्षक को क्षति का आकलन कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को भेजी जाएगी।
Iसिलीखड्ड कुनैन मोटर मार्ग भी बंदI
चकराता। बारिश के कारण आए मलबे से कैलो खत के आधा दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ने वाला 11 किलोमीटर लंबा सिलीखड्ड- कुनैन मोटर मार्ग भी बंद हो गया। ग्रामीण महिपाल सिंह राणा ने बताया कि हल्की सी बारिश आने पर मलबा जगह-जगह सड़क पर आ जाता है। उन्होंने सड़क के डामरीकरण की भी मांग की है।