कुमाऊं के सीमांत जिलों में वन्य जीवों से बची फसल अब मौसम की मार की भेंट चढ़ रही है। जिला मुख्यालय में रविवार को तेज बारिश हुई। इससे क्षेत्र में गेहूं, मसूर, जई के साथ ही फलों और सब्जियों को काफी नुकसान हो रहा है।
ओलों से भी सब्जियां बर्बाद हो गई हैं। अस्कोट क्षेत्र में दोपहर को आधा घंटे तक मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि हुई। बेड़ीनाग क्षेत्र में भी बारिश और ओलावृष्टि से फसल, फल और सब्जियों को नुकसान हुआ है। चंपावत में भी दिन में बारिश हुई। इधर पिथौरागढ़ नगर में भी तीन बजे तेज गरज और चमक के साथ मूसलाधार बारिश हुई।
गरुड़ क्षेत्र में रविवार को दोपहर बाद गोमती, लाहुर, देवनाई, पचगढ़ी घाटी में जमकर ओलावृष्टि हुई। बारिश से गागरीगोल-चनोली मार्ग बंद हो गया है। वहीं, रियूनी लखमार क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से सड़क का मलबा खेतों में भर गया।
इससे फसल को भारी क्षति पहुंची है। इधर, अल्मोड़ा में भी रविवार को बारिश हुई। इधर, हल्द्वानी में तीन दिन की राहत के बाद गर्मी और तपिश फिर सताने लगी है। रविवार को यहां का अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री रहा।
वहीं, नैनीताल का अधिकतम तापमान 20 डिग्री दर्ज किया गया। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने और उत्तराखंड में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई है।