हरिद्वार में ज्ञान गोदड़ी गुरूद्वारे का मामला एक बार फिर गरमा गया है। शुक्रवार को सिखों की कई जगहों पर बैठकें हुई। बैठकों में दिल्ली से आए ऑल इंडिया सिख कांफ्रेंस के अध्यक्ष गुरचरण सिंह बब्बर ने भी शिरकत की।
बब्बर ने 17 नवंबर को हरकी पैड़ी स्थित भारत स्काउट-गाडड कार्यालय पर कीर्तन और लंगर का ऐलान किया। प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए ऑल इंडिया सिख कांफ्रेंस के अध्यक्ष गुरचरण सिंह बब्बर एवं उत्तराखंड पंजाबी क्रांति मोर्चा के अध्यक्ष कुंवर जपेंद्र सिंह ने कहा कि 16 नवंबर की रात को देश के कोने कोने से हजारों की संख्या में सिख पुरूष व महिलाएं ज्ञान गोदड़ी गुरूद्वारे के लिए हरकी पैड़ी परिसर में एकत्र होंगे।
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प्रकाशोत्सव को धूमधाम के साथ मनाया जाएगा
17 नवंबर को गुरूनानक देव के प्रकाशोत्सव को धूमधाम के साथ वहां पर मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा इससे पूर्व अगर स्थान देते हैं तो ठीक है नहीं तो प्रकाशोत्सव के बाद पूरे देश में आंदोलन छेड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि 2012 नवंबर में प्रकाशोत्सव के समय हरिद्वार आ रहे श्रद्धालुओं को प्रदेश की सीमा पर रोक दिया गया था और आश्वासन दिया गया था कि स्थान जल्द ही दिया जाएगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
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गुरू नानक देव ने ज्ञान दिया
सिख समुदाय एक वर्ष तक आश्वासन में भरोसा करता रहा परंतु जब कोई रास्ता नहीं निकलता देखा गया तो अब सिख संगत ने निर्णय ले लिया है कि इस गुरूपर्व को उसी स्थान पर प्रकाशोत्सव मनाया जाएगा जहां पर गुरू नानक देव ने ज्ञान दिया था।
शुक्रवार को ग्राम दिनारपुर व कनखल स्थित गुरूद्वारो में दिल्ली, देहरादून व आसपास के क्षेत्र से सिख समुदाय के लोग एकत्र हुए। बैठकों में ज्ञानगोदड़ी मामले पर चर्चा की गई।
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इस अवसर पर बाबा सत्तू सिंह, गुरूबचन सिंह, सतविंदर सिंह कालो, जत्थेदार बलबीर सिंह, अवतार सिंह, बूड़ा सिंह, गुरूदेव सिंह, सूबा सिंह ढिल्लो, जोगा सिंह, अंग्रेज सिंह, कुलदीप सिंह आदि अपस्थित थे।
खुफिया विभाग रहा सक्रिय
गुरचरण सिंह बब्बर के हरिद्वार पहुंचने पर खुफिया विभाग भी सक्रिय हो गया। सारा दिन बब्बर के कार्यक्रमों पर नजर रखी गई। खुफिया विभाग इस बात को लेकर काफी चिंतित था कि कहीं बब्बर अपनी टीम के साथ हरकी पैड़ी न पहुंच जाए। जब तक बब्बर ग्राम दिनारपुर एवं हरिद्वार शहर में रहे, खुफिया विभाग के कर्मचारी उसके आसपास ही घूमते रहे।