नवंबर के पहले सप्ताह में मॉरीशस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में हिंदी के वरिष्ठ लेखक देहरादून निवासी गुरुदीप खुराना को हिंदी साहित्य में महत्वपूर्ण लेखन के लिए ‘आधारशिला सम्मान’ दिया गया है।
प्रशस्तिपत्र, श्रीफल के साथ सम्मान राशि
खुराना को सम्मान स्वरूप प्रशस्तिपत्र, श्रीफल के साथ 25 हजार रुपए की सम्मान राशि दी गई। मारीशस सरकार के सलाहकार और हिंदी संगठन मारीशस के अध्यक्ष डॉ. राजानारायण गति, आधारशिला फाउंडेशन के निदेशक दिवाकर भटट्, मारीशस के वरिष्ठ साहित्यकार रामदेव धुरंधर ने संयुक्त रूप से खुराना को सम्मानित किया।
आधारशिला पत्रिका और फाउंडेशन के निदेशक दिवाकर भट्ट ने बताया कि हिंदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने के लिए हर साल साहित्य, कला, संस्कृति और पत्रकारिता में उल्लेखनीय करने वाले को सम्मानित किया जाता है।
अब तक यह सम्मान वरिष्ठ कवि मंगलेश डबराल (कविता), प्रभाष जोशी (पत्रकारिता), हरिपाल त्यागी (चित्रकला) डॉ. पुष्पिता अवस्थी (संस्कृति) को दिया गया है।
हिंदी को संयुक्त राष्ट्र की भाषा बनाने का आह्नान
अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में हिंदी को संयुक्त राष्ट्र की भाषा बनाने की मांग उठाई गई। कहा गया कि हिंदी विश्व की सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा हो गई है इसलिए इसकी अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
सम्मेलन का आयोजन आधारशिला विश्व हिंदी मिशन और हिंदी संगठन मारीशस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था। सम्मेलन में भारत एवं मारीशस के हिंदी सेवी, संपादक, लेखक, प्रोफेसर और भाषाविद शामिल थे।