ऋषिकेश के रायवाला गांव में सक्रिय गुलदार आखिरकार पिंजरे में कैद हो गया। इसकी सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।
पिंजरे के ऊपर डाला पुआल और घास
गुस्साए लोग पिंजरे में कैद गुलदार को जलाने की तैयारी में आए थे। कुछ लोगों ने पुआल और घास भी पिंजरे के ऊपर डाल दी थी। एक युवक पेट्रोल से भरी बोतल साथ लेकर आया था। मौके पर मौजूद वनकर्मियों और पुलिस ने किसी तरह लोगों को शांत कराया। इसके बाद वनकर्मी गुलदार को रेंज कार्यालय में ले गए।
गुलदार के पकड़े जाने से राजाजी पार्क प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस तो ली है, लेकिन लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अभी कई और गुलदार सक्रिय हैं। रायवाला गांव में करीब सात माह से गुलदार की दहशत है। गुलदार अब तक यहां एक बच्चे और एक व्यक्ति को निवाला बना चुका है।
कई लोग गुलदार के हमले से घायल हो चुके हैं। मवेशियों पर भी कई बार हमला हुआ। गुलदार को पकड़ने के लिए पार्क प्रशासन लगातार कोशिश कर रहा था। पार्क की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में पिंजरे लगाए गए थे। गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों की मदद भी ली जा रही थी।
लंबे इंतजार के बाद शनिवार सुबह आखिरकार पार्क प्रशासन को सफलता मिल गई। डांडी क्षेत्र में सुबह स्थानीय लोगों ने लगाए गए पिंजरे की दिशा से गुलदार के दहाड़ने की आवाज सुनी। पार्क के स्थानीय श्रमिक मूर्ति, सुमेरचंद, मदन रतूड़ी व राजेंद्र प्रसाद स्थानीय युवक अभिषेक के साथ मौके पर पहुंचे तो पिंजरे में गुलदार कैद पाया गया।
अन्य वनकर्मी भी पहुंच गए। वहीं, गुलदार के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही बीते दिनों हमले में हताहत हुए लोगों के परिजनों और अन्य ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे।
मौके पर गुलदार को जलाने की योजना के तहत एक युवक अपने साथ बाकायदा पेट्रोल की बोतल लेकर पहुंचा था। हालांकि वनकर्मियों और पुलिस की सतर्कता से गुलदार को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। लोगों के शांत होने के बाद वनकर्मी पिंजरा अपने साथ ले गए।
मोतीचूर रेंज अधिकारी महेंद्र गिरि ने बताया कि गुलदार को कोयल पुरा गेस्ट हाउस ले जाया गया, जहां से विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में रेंज से करीब 30 किलोमीटर दूर बैरीवाड़ा बीट में छोड़ा गया है। उधर, रायवाला थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि ग्रामीण गुलदार को जलाने की योजना बना रहे थे। जिसे समय रहते रोक लिया गया।
ग्रामीण बोले, क्षेत्र में कई गुलदार सक्रिय
गुलदार के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने मौके पर जमकर हंगामा किया था। उन्होंने वनकर्मियों को पिंजरा उठाने से भी रोक दिया। हालांकि, इसबीच वनकर्मी किसी तरह पिंजरा ले गए। ग्रामीणों ने क्षेत्र में सक्रिय अन्य गुलदारों को पकड़ने और उन्हें नरभक्षी घोषित करने की मांग की है।
ऐसा नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में एक नहीं कई गुलदार सक्रिय हैं। विभाग उनको पकड़ने में लापरवाही बरत रहा है। वनकर्मियों ने किसी तरह ग्रामीणों को शांत कराया।
चार साल का है गुलदार
पकड़ा गया गुलदार चार वर्ष का है। विभाग ने ट्रंकुलाइज करने से पहले उसकी फोटोग्राफी की है। रेंज अधिकारी ने बताया कि पूर्व में सीसीटीवी कैमरे में गुलदार की फुटेज कैद हुई थी। फुटेज के साथ पकड़े गए गुलदार का मिलान किया जाएगा, ताकि क्षेत्र में सक्रिय गुलदारों की संख्या पता चल सके।