जानकारी के मुताबिक आज मनमोहन मेहता के मकान की गैलरी में सुबह करीब 10 बजे गुलदार देखा गया। जब मनमोहन मेहता की मां शीला मेहता ने कुत्ता समझ उसे लाठी से भगाने की कोशिश की तो गुलदार गुर्राने लगा। महिला जोर-जोर से चिल्लाने लगी। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों को देख गुलदार अंदर की ओर चला गया। उसने एक युवक पर भी हमला किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्काल लोगों को वहां से हाटाया।
घटना की सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी जेसी जोशी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जोशी ने बताया कि विभाग के पास पिंजरे के अलावा पकड़ने के लिए कोई आधुनिक उपकरण नहीं है। इसकी जानकारी अल्मोड़ा को दे दी गई। गुलदार पकड़ने वाली टीम वहीं से आ रही है। खबर लिखे जाने तक गुलदार गैलरी में ही था।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में पुन: गुलदार घूमने का मामला प्रकाश में आया है। घटना के वक्त कॉलेज के आवासीय परिसर में रह रहे चिकित्सक घर के बाहर घूम रहे थे। गुलदार देखते ही सब घर के अंदर दुबक गए। कुछ दिन पूर्व मेडिकल कॉलेज की एकेडमिक ब्लॉक में एक गुलदार घुस गया था। दो दिन तक बाहर न आने पर उसे भवन के अंदर ही गोली से मार दिया गया था। इसके बाद संस्थान में निवास कर रहे चिकित्सकों और छात्र-छात्राओं ने राहत की सांस ली थी।
लेकिन यहां एक बार फिर गुलदार की धमक ने कॉलोनीवासियों की नींद उड़ा दी है। कम्युनिटी मेडिसिन के विभागाध्यक्ष प्रो. अमित कुमार सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात लगभग आठ बजे कॉलोनीवासी अपने बच्चों के साथ परिसर में घूम रहे थे। इसी दौरान एक चिकित्सक ने गुलदार को आराम से परिसर में टहलते हुए देखा। इससे भौंचक्के चिकित्सक ने अन्य लोगों को यह वाकया बताया। इसके बाद सभी अपने घरों में कैद हो गए। उन्होंने बताया कि पहले भी यहां गुलदार कई बार आ चुका है। पिछले दिनों गुलदार के मारे जाने के बाद उन्हें लगा था कि अब कोई खतरा नहीं है। लेकिन विगत शाम की घटना से सभी डरे सहमे हुए हैं।