16/17 जून को आपदा के बाद रोडवेज बस अड्डे पर सन्नाटा पसर गया था। अब नवरात्र से यात्रियों की आमद बढ़ने से रोडवेज बस अड्डे पर फिर से रौनक लौटने लगी है। रोडवेज अधिकारी की मानें तो पर्यटकों की चहलकदमी से आय में भी इजाफा होने लगा है, जो घटकर आधी रह गई थी।
केदारघाटी में जलप्रलय के खौफ से तीर्थनगरी से तीर्थयात्री और पर्यटक नदारद हो गए थे। जिसका असर रोडवेज बस अड्डे पर दिखाई दे रहा था। स्थिति यह हो गई थी बस अड्डे के प्लेटफार्म पर विभिन्न रूट की बसें खड़ी रहीं, लेकिन उनमें सफर करने वाली सवारियां गायब थीं।
अब राहत की बात यह किनवरात्र से यात्रियों की आमद बढ़ने से रोडवेज बस अड्डा फिर से गुलजार होने लगा है। रोडवेज डिपो के सहायक महाप्रबंधक प्रतीक जैन ने बताया कि पिछले चार दिन से यात्रियों में इजाफा होने से डिपो की आय भी बढ़ी है।
आपदा के बाद जहां डिपो की आय प्रतिदिन घटकर साढ़े चार लाख हो गई थी, अब करीब साढ़े छह लाख तक पहुंच गई है।
वॉल्वो में बुकिंग नहीं बढ़ी
तीर्थनगरी से वॉल्वो में दिल्ली तक का सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में अभी इजाफा नहीं हुआ है। रोडवेज सूत्रों के मुताबिक वॉल्वो में प्रतिदिन तीन से चार पैसेंजर ही बुकिंग करा रहे हैं, जबकि आपदा से पहले यह संख्या 35 से 40 तक थी। दशहरा और दीपावली में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।