किसी ने छोटी उम्र में ही परिवार को संभालने की चुनौती का बखूबी सामना किया तो किसी ने सुकोमल, अबला की छवि को ध्वस्त कर कठिन शारीरिक श्रम वाले कामों को बखूबी अंजाम दिया।
किसी ने अपनी प्रतिभा के दाम पर देश-विदेश में धाक जमाई। हिम्मत, लगन और कठिनाइयों के सामने पस्त न होने वाले जज्बे वाली ऐसी ही कुमाऊं की कर्मठ नारी शक्ति के हुनर के शब्दचित्र प्रस्तुत करती श्रृंखला... अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में...
आमतौर पर भारी या बोझ उठाने का काम पुरुषों का माना जाता है, लेकिन काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर तैनात महिला पार्सल पोर्टर गुड्डो देवी की हौसले और हिम्मत के आगे कोई भी भारी से भारी बोझ मायने नहीं रखता है। वह पुरुषों की तरह पीठ पार्सल पर लादने से लेकर ट्राली में खींचती हैं। कुमाऊं के रेलवे स्टेशन में तैनात वह इकलौती महिला पार्सल पोर्टर हैं।