सुबह 6:30 बजे राजकीय पॉलीटेक्निक खेल मैदान के नीचे तेंदुआ उन पर झपट पड़ा। जिससे उनके बाएं हाथ में नाखून लगे हैं। उन्होंने साहस का परिचय देते हुए तेंदुए को लात मारी और हल्ला मचाना शुरू कर दिया जिससे तेंदुआ भाग गया।
इसी बीच बालम सिंह और कैलाश बिष्ट वहां पहुंचे। उन्होंने खीमानंद को अस्पताल पहुंचाया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उनका प्राथमिक उपचार कराया गया। सरना के प्रधान नरेंद्र अधिकारी आदि ने वन विभाग को सूचना देकर यहां पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।