सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नीति की अवधि 31 जनवरी 2015 से 31 मार्च 2020 तक निर्धारित है। इस अवधि के बीच स्थापित उद्योगों को उत्पादन शुरू करने की तिथि से अधिकतम 10 वर्ष या 31 मार्च 2025 तक एसजीएसटी से टैक्स की प्रतिपूर्ति की जाएगी। लेकिन इसके लिए यह शर्त है कि राज्य के अंदर उद्योगों में उत्पादित माल की बिक्री सीधे उपभोक्ता को होनी चाहिए।
‘ए’ श्रेणी के जिलों में 90 प्रतिशत टैक्स छूट
प्रदेश सरकार ने एमएसएमई नीति के तहत उद्योग स्थापित करने के लिए जिलों को श्रेणियों में विभाजित किया है। ‘ए’ श्रेणी जिलों में स्थापित उद्योगों को बिजनेस टू कंज्यूमर माल विक्रय पर 90 प्रतिशत और ‘बी’ श्रेणी जिलों में 75 प्रतिशत की दर से टैक्स की प्रतिपूर्ति होगी। पहले उद्योगों को पूरा टैक्स सरकार के खाते में जमा करना होगा। इसके बाद सरकार उद्योगों के दावों पर एसजीएसटी हिस्से से टैक्स वापस करेगी। टैक्स प्रतिपूर्ति के लिए उद्योगों को दावा प्रत्येक तीन माह की समाप्ति के बाद अगले छह माह के अंदर संबंधित जिला उद्योग केंद्र में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।