इन क्षेत्रों में होगी हरित पट्टी विकसित
योजना के तहत केदारनाथ के आस्था पथ पर स्थित लिनचौली, बड़ी लिनचौली, मोदी गुफा के आसपास, भैरवनाथ मार्ग, देवदर्शनी, गरुड़चट्टी और छानी कैंप क्षेत्र में हरित पट्टी विकसित की जाएगी। इन स्थानों पर स्थानीय जलवायु के अनुकूल पौधों का रोपण किया जाएगा। संवाद
स्थानीय और औषधीय प्रजातियों को मिलेगा बढ़ावा
हरित पट्टी में भोजपत्र, थुनेर, भोटिया बादाम, देवदार, खर्सू, मोरु और रागा जैसे स्थानीय वृक्षों के साथ ब्रह्मकमल, अतीस, डोलू, कूट, कुटकी, वज्रदंती, भृंगराज, भूतकेशी, पाषाणभेद और चौरू जैसी औषधीय प्रजातियों को विकसित किया जाएगा। पौधों की उपलब्धता के लिए टंगसा (गोपेश्वर) स्थित पौधशाला और नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क की दैया पौधशाला का सहयोग लिया जाएगा। संवाद
स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार
केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) सर्वेश कुमार दुबे ने बताया कि योजना के अंतर्गत पौध उत्पादन, रोपण और रखरखाव कार्यों में स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरित पट्टी विकसित होने से केदारनाथ क्षेत्र का सौंदर्य और अधिक निखरेगा। श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के साथ हिमालयी वनस्पतियों और दुर्लभ औषधीय पौधों की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे, जिससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।