आरोप है कि इस पर लोकेंद्र अपना मानसिक संतुलन खो बैठा और दादा गगन कुंवर (84) और दादी नारु कुंवर (76) के सिर पर आग से जलती लकड़ी से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
बैतड़ी के डीएसपी नेत्रमणि गिरी ने बताया कि हत्या के बाद आरोपी फरार हो गया था। बाद में उसे शंकरपुर प्रहरी चौकी के दल ने पकड़ लिया है। इससे पहले घटना की जानकारी मिलने के बाद पाटन इलाका प्रहरी चौकी से जोगेंद्र बहादुर बोगटी के नेतृत्व में जवानों को भेजा गया। घटना की जांच के आदेश दिए गए है।