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वीपीडीओ भर्ती: झोले में ओएमआर शीट लेकर घूमने वाले कहां हैं, तलाशेगी एसटीएफ

Tue, 30 Aug 2022 07:57 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून

सार

आयोग ने छह मार्च 2016 को वीपीडीओ के 196 पदों पर भर्ती की परीक्षा कराई थी। इसका परिणाम उसी साल 26 मार्च को जारी किया था। इस भर्ती में आरोप लगे थे कि ओएमआर शीट को दो सप्ताह तक किसी गुप्त स्थान पर रखकर छेड़छाड़ की गई है। इसके बाद रिजल्ट जारी किया गया। तभी यह भी चर्चा आम थी कि आयोग के कुछ अधिकारी अपने झोले में ओएमआर शीट लेकर घूमते थे। 
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की वर्ष 2016 में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीपीडीओ) भर्ती मामले में झोले में ओएमआर शीट लेकर घूमने वालों की अब एसटीएफ तलाश करेगी। जब इस परीक्षा में गड़बड़ी हुई थी, तब यह चर्चा आम थी कि आयोग के ही कुछ अधिकारी ओएमआर को झोले में लेकर घूमते हैं। 
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दरअसल, आयोग ने छह मार्च 2016 को वीपीडीओ के 196 पदों पर भर्ती की परीक्षा कराई थी। इसका परिणाम उसी साल 26 मार्च को जारी किया था। इस भर्ती में आरोप लगे थे कि ओएमआर शीट को दो सप्ताह तक किसी गुप्त स्थान पर रखकर छेड़छाड़ की गई है। इसके बाद रिजल्ट जारी किया गया। 

तभी यह भी चर्चा आम थी कि आयोग के कुछ अधिकारी अपने झोले में ओएमआर शीट लेकर घूमते थे। जहां ओएमआर शीट के मूल्यांकन को स्कैनिंग होती थी, वहां कोई सीसीटीवी भी नहीं लगा था। मामले में विजिलेंस ने मुकदमा तो दर्ज किया था लेकिन झोले वाले अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाई थी। अब एसटीएफ उन अधिकारियों की तलाश में जुट गई है।
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हरीश रावत ने बैठाई थी जांच, त्रिवेंद्र ने दर्ज कराया था विजिलेंस मुकदमा
वीपीडीओ भर्ती में तमाम संगीन आरोप लगे थे। दो सगे भाई टॉपर बन गए थे। ऊधमसिंह नगर के एक ही गांव के 20 से ज्यादा युवाओं का चयन हो गया था। तत्कालीन हरीश रावत सरकार ने इसकी उच्च स्तरीय जांच बैठाई थी। इसी दौरान अध्यक्ष आरबीएस रावत ने इस्तीफा दिया था। बाद में 2017 में त्रिवेंद्र सरकार ने इस भर्ती को हाईकोर्ट के आदेश पर रद्द करते हुए इसकी जांच बैठाई थी। जांच के आधार पर विजिलेंस ने मुकदमा दर्ज किया था। 
 
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साल 2016 में पास हुए 196 में से 2018 में आठ ही पास

हाईकोर्ट ने एक दिसंबर 2017 को वीपीडीओ भर्ती को निरस्त कर दोबारा से लिखित परीक्षा कराने के आदेश दिए थे। आयोग ने 25 फरवरी 2018 को दूसरी बार परीक्षा कराई। पूर्व परीक्षा में चयनित हुए 196 उम्मीदवारों में से दूसरी परीक्षा में केवल आठ का चयन हुआ था। 

ये घपले हो चुके पुष्ट, एसटीएफ करेगी जांच
-ओएमआर सीट के साथ छेड़छाड़ की गई। 
-दो सगे भाई पास हो गए थे परीक्षा में।
-एक टॉपर ने हाईस्कूल से इंटर में जाने में लगाए थे चार साल। 
-ऊधमसिंहनगर के महुआडाबरा के 20 से ज्यादा युवाओं का चयन।
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