राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पाल ने राजभवन में उत्तराखंड बाल कल्याण परिषद के कार्यकारिणी सदस्यों की बैठक में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ाने पर जोर दिया। परिषद को राज्य सरकार से कोई वित्तीय अनुदान नहीं मिलने की जानकारी पर राज्यपाल ने कहा कि बच्चों के उत्थान के लिए राज्य सरकार से बजट में प्रावधान कराये जाने के लिए वे स्वयं पहल करेंगे।
राजभवन में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि वर्तमान में संचालित वार्षिक गतिविधियों में बाल महोत्सव, बाल मेला जैसे कार्यक्रम शामिल किए जाएं। राज्यपाल ने मातृ पितृ विहीन बच्चों के कल्याणार्थ परिषद को राज्यपाल विवेकाधीन कोष से दो लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की, साथ ही परिषद के आय स्रोतों में वृद्धि के लिए अनेक सुझाव दिए। साथ ही परिषद की आमसभा की बैठक फरवरी 2017 में किये जाने का निर्णय लिया गया।
राज्यपाल ने परिषद के सदस्यों द्वारा अवैतनिक रूप से समर्पित सेवाएं देकर बच्चों के कल्याणर्थ कार्य करने की प्रशंसा की। दिव्यांग बच्चों की पेंटिंग्स पर आधारित ग्रिटिंग्स को आमजन तक पहुंचाने के लिए राज्यपाल ने परिषद के संयुक्त सचिव केपी भट्ट के प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की।
बैठक में राज्यपाल के सचिव अरुण ढौढियाल, परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुशील चंद्र डोभाल, उपाध्यक्ष आईएस पाल, उपाध्यक्ष कुसुम रानी नैथानी, उपाध्यक्ष मधु बेरी, महासचिव बाल कृष्ण डोभाल, संयुक्त सचिव केपी भट्ट, कोषाध्यक्ष सोलोमन प्रकाश आदि मौजूद रहे।