फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेधावी छात्रों की निशुल्क शिक्षा के लिए कॉलेज खोलेगी सरकार: सीएम त्रिवेंद्र

Mon, 27 Jul 2020 11:00 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • ई-संवाद में साझा की क्वालिटी एजूकेशन से जुड़ी योजनाएं
  • कहा, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी और आवासीय साइंस कॉलेज खोलने की भी किया एलान
विज्ञापन
- फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तराखंड सरकार मेधावी छात्रों के लिए कक्षा छह से 12 तक एक अलग कॉलेज की स्थापना करेगी। इसमें गरीब प्रतिभावान छात्रों को निशुल्क शिक्षा दी जाएगी। छात्रों का चयन राज्य स्तर पर परीक्षा से होगा। आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों के छात्रों से शुल्क लिया जाएगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दी।  

विज्ञापन


सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से प्रदेश के छात्र-छात्राओं के साथ ई संवाद करते हुए सीएम ने कहा कि प्रदेश में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, पोस्ट ग्रेजुएशन और शोध के लिए एक अलग आवासीय साइंस कॉलेज स्थापित किया जाएगा। प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में क्वालिटी एजूकेशन पर जोर दिया जा रहा है। आज का युग कड़ी प्रतिस्पर्धा का है।

उच्च शिक्षण संस्थानों को वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बदलना होगा। इसी सोच के साथ सीपैट और ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर की स्थापना की गई हैं। जल्द ही नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल डेवलपमेंट भी शुरू होगा। ई-संवाद में विधायक पुष्कर सिंह धामी, यूसर्क के निदेशक प्रोफेसर दुर्गेश पंत व अन्य वैज्ञानिक के साथ शिक्षक व छात्र-छात्राओं ने भी प्रतिभाग किया।   
विज्ञापन


देशभक्ति सर्वोपरि हो
सीएम ने छात्रों से आह्वान किया कि वे क्षेत्र में अपना भविष्य बनाएं, उनका उद्देश्य देशभक्ति होनी चाहिए। जो भी कैरियर बनाएं, मकसद एक ही होना चाहिए कि देश के लिए कुछ करना चाहते हैं।

विज्ञापन

हनुमान जी से सीखें सफलता का मंत्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सफल होने के लिए हनुमानजी से सीखा जा सकता है। ‘रामकाज कीन्हे बिना मोहे आराम कहां’। जब तक लक्ष्य पूर्ति न हो, आराम नहीं करना है। पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की आज पुण्य तिथि है। वे सेना में अधिकारी बनना चाहते थे। देहरादून में साक्षात्कार के लिए आए परंतु उसमें सफल नहीं हुए। तब ऋषिकेश गए, वहां एक संत से मार्गदर्शन लिया। इसके बाद पूरे मनोयोग से प्रयास किए और एक महान वैज्ञानिक और देश के राष्ट्रपति बने। 

कोई डाक्टर तो कोई इंजीनियर बनना चाहता है
ई-संवाद में छात्रों ने अपनी बातें कहीं। कोई डाक्टर बनना चाहता था तो कोई इंजीनियर और कोई सिविल सर्विसेज में जाना चाहता है। इसी प्रकार किसी ने वैज्ञानिक बनने की बात कही। एक ने फाइन आर्ट में कैरियर बनाने की इच्छा व्यक्त की है। कोई शिक्षक बनकर और कोई  सेना में जाकर देश की सेवा करना चाहता है। 

पूरे मनोयोग से करें प्रयास सरकार देगी सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र पूर्ण मनोयोग से आगे बढ़ें और मेहनत करें। सरकार और समाज से आवश्यक सहयोग मिलेगा। चमोली जिले के एक छात्र का चयन लंदन स्कूल ऑफ आर्टस में हुआ था। उसे भेजने की व्यवस्था की गई। निर्धन परिवार की एक छात्रा को पढ़ाई के लिए न्यूजीलैंड भेजने की व्यवस्था भी सरकार ने की है। आप जो भी पाना चाहते हैं, उसकी पूरी तैयारी करें। सरकार के साथ ही व्यक्तिगत तौर पर भी लोग मदद के लिए आते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें