मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सफल होने के लिए हनुमानजी से सीखा जा सकता है। ‘रामकाज कीन्हे बिना मोहे आराम कहां’। जब तक लक्ष्य पूर्ति न हो, आराम नहीं करना है। पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की आज पुण्य तिथि है। वे सेना में अधिकारी बनना चाहते थे। देहरादून में साक्षात्कार के लिए आए परंतु उसमें सफल नहीं हुए। तब ऋषिकेश गए, वहां एक संत से मार्गदर्शन लिया। इसके बाद पूरे मनोयोग से प्रयास किए और एक महान वैज्ञानिक और देश के राष्ट्रपति बने।
कोई डाक्टर तो कोई इंजीनियर बनना चाहता है
ई-संवाद में छात्रों ने अपनी बातें कहीं। कोई डाक्टर बनना चाहता था तो कोई इंजीनियर और कोई सिविल सर्विसेज में जाना चाहता है। इसी प्रकार किसी ने वैज्ञानिक बनने की बात कही। एक ने फाइन आर्ट में कैरियर बनाने की इच्छा व्यक्त की है। कोई शिक्षक बनकर और कोई सेना में जाकर देश की सेवा करना चाहता है।
पूरे मनोयोग से करें प्रयास सरकार देगी सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र पूर्ण मनोयोग से आगे बढ़ें और मेहनत करें। सरकार और समाज से आवश्यक सहयोग मिलेगा। चमोली जिले के एक छात्र का चयन लंदन स्कूल ऑफ आर्टस में हुआ था। उसे भेजने की व्यवस्था की गई। निर्धन परिवार की एक छात्रा को पढ़ाई के लिए न्यूजीलैंड भेजने की व्यवस्था भी सरकार ने की है। आप जो भी पाना चाहते हैं, उसकी पूरी तैयारी करें। सरकार के साथ ही व्यक्तिगत तौर पर भी लोग मदद के लिए आते हैं।