उत्तराखंड में सरकार अब गोत्र स्थलों को विकसित करेगी।
इन स्थलों में धार्मिक और सांस्कृतिक दोनों लिहाज से सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। सरकार का मानना है कि अगस्त्यमुनि समेत तमाम स्थान उत्तराखंड में ऐसे हैं, जहां पर संबंधित ऋषि-मुनियों का गहरा नाता रहा है। इनसे संबंधित स्थलों को विकसित कर देश-दुनिया के सामने लाने का प्रयास होगा, ताकि लोगों की वहां पर आवाजाही बढे़।
सरकार शाक्य, शैव, भगवती सर्किट विकसित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। अब गोत्र स्थलों को विकसित करने की योजना पर सरकार काम करने जा रही है। धर्मस्व और संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज के अनुसार, सरकार गोत्र स्थलों को विकसित करने जा रही है। इसके लिए रूपरेखा जल्द ही तैयार की जाएगी। देश-दुनिया के तमाम लोग चाहते हैं कि वे जिन गोत्रों से संबंधित हैं, उनसे संबंधित जगहों पर वे जाएं, उसे देखें और सुकून महसूस करें।