नए साल से सरकार मीडिया से दूरी बनाएगी। इस फैसले के पीछे की वजह जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर..
मंत्रिमंडल में आने वाले प्रस्तावों के प्रेस में छपने से त्रिवेंद्र सरकार असहज है और अब वह नए साल में मीडिया से दूरी बनाएगी। सचिवालय के सभी आला अधिकारियों से लेकर अनुभाग अधिकारियों तक को ताकीद किया गया है कि वे बगैर शासकीय कार्यों के पत्रकारों का अनुभागों में प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित कर दें।
इस संबंध में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने एक विस्तृत गोपनीय पत्र जारी किया है, जिसमें सचिवालय नियम संग्रह उत्तर प्रदेश शासन (सचिवालय मैनुअल) के नियमों का हवाला दिया गया है।
यह पत्र सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव व प्रभारी सचिवों को जारी हुआ है और उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई विषय या प्रकरण कैबिनेट में आने से पूर्व समाचार पत्र या मीडिया में प्रकाशित हुआ तो संबंधित विभाग के आला अधिकारी तत्परता से छानबीन करेंगे कि विषय वस्तु किस प्रकार लीक हुई और इसकी उन्हें तत्काल जानकारी देंगे। पत्र में कहा गया है कि प्रस्ताव लीक होने के कारण फैसलों के प्रभावित होने की संभावना बनती है।
कैबिनेट में उठा था लीकेज का मामला
आधिकारिक सूत्रों की मानें तो प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में यह मसला उठा था। कैबिनेट के कई सदस्यों ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की कि बैठक में आने से पहले ही प्रस्ताव समाचार पत्रों व मीडिया में प्रकाशित हो जाते हैं। कैबिनेट ने इस पर खेद जताया है और आपत्ति व्यक्त की है। पत्र में कैबिनेट की इस नाराजगी का भी उल्लेख है।