प्रदेश सरकार 2030 पर्यटन क्षेत्र में पांच लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर जुटाएगी। पर्यटन, उद्यान, शहरी विकास समेत पांच प्रमुख क्षेत्रों से जीडीपी में सालाना 88,500 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व अर्जित करने का लक्ष्य बनाया है। इसके लिए आगामी वर्षों में सरकार इन पांच प्रमुख क्षेत्रों में तीन लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश जुटाने का लक्ष्य बनाएगी।
अमेरिकी एजेंसी मैकेंजी ग्लोबल ने शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष सशक्त उत्तराखंड @ 2025 और 2030 तक के लिए तैयार किए गए रोडमैप का प्रस्तुतीकरण किया। सीएम ने इस पर विभागाध्यक्षों को अगले 30 दिन में कार्ययोजना पर अमल की रणनीति बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने ताकीद किया कि सभी अफसरों की समयबद्ध कार्ययोजना के लिए जवाबदेही तय होगी।
वित्तीय वर्ष के पहले ही दिन मुख्यमंत्री ने अवकाश होने के बावजूद आलाधिकारियों की बैठक बुलाई। बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनंद बर्द्धन, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगौली, मैकेंजी के सीनियर पार्टनर अमित खेर अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।
हर महीने खुद करेंगे आय-व्यय की समीक्षा
सीएम ने साफ किया कि वित्तीय वर्ष के दौरान समयबद्ध ढंग से बजट का उपयोग हो और सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी हो, इसके लिए वह हर महीने खुद समीक्षा करेंगे। इसके लिए उन्होंने सभी विभागों को दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक कार्ययोजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए।
किस सेक्टर में कितनी संभावना
2030 तक वास्तविक पर्यटकों की संख्या 40 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ करने का लक्ष्य। इससे एक लाख प्रत्यक्ष व चार लाख अप्रत्यक्ष रोजगार की संभावना। जीडीपी में 40-50 हजार करोड़ की अतिरिक्त जीडीपी बढ़ना।
हेल्थ केय रः चार नए अस्पताल और दो मेडिकल कॉलेज खुलेंगे।
उद्यान (सेब) : किसानों की आय 10 गुना की बढ़ेगी।
वर्तमान में 150 करोड़ की सेब की आर्थिकी को 3,000 करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य। इससे 25-30 हजार किसानों की आय में 10 गुना बढ़ोतरी होगी। इससे जीडीपी में 2,500 करोड़ का योगदान।
विदेश में नौकरी : 70-90 हजार युवाओं को विदेश में नौकरी।
25 से 40 लाख शहरी आबादी के लिए घर उपलब्ध कराए जाएंगे। सात शहरी केंद्र विकसित होंगे। इससे सालाना 30 हजार करोड़ रुपये की जीडीपी बढ़ेगी।
सीएम ने ये निर्देश भी दिए
पर्यटन की दृष्टि से कई सर्किटों के माध्यम से पूरे उत्तराखंड को जोड़ने के प्रयास हों।
एप्पल और कीवी मिशन पर तेजी से कार्य किया जाए।
राज्य में उच्च शिक्षण संस्थानों में डिग्री कोर्स के अलावा कौशल विकास से संबंधित डिप्लोमा कोर्स संचालित हों।