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इरशाद हुसैन आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक करे सरकार

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इरशाद आयोग की कमेटी को सार्वजनिक करने की मांग पर तहसील मुख्यालय में मुख्यमंत्री और राज्यपाल को ज? - फोटो : VIKAS NAGAR
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विकासनगर। पूना पैक्ट दिवस पर पदोन्नति में आरक्षण संबंधित न्यायमूर्ति (से.नि.) इरशाद हुसैन आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने और एससी एसटी आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग पर अनुसूचित जाति-जनजाति शिक्षक एसोसिएशन ने तहसील प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
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संगठन के प्रांतीय महामंत्री जितेंद्र सिंह बुटोइया के नेतृत्व में भेजे गए ज्ञापन में सदस्यों ने कहा कि पांच सितंबर 2012 को राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति और जनजाति को आरक्षण दिए जाने के संबंध में न्यायमूर्ति (से.नि.) इरशाद हुसैन की अध्यक्षता में एकल सदस्य आयोग का गठन किया था। आयोग पूर्व में सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप चुका है, लेकिन आज तक यह रिपोर्ट न तो कैबिनेट में प्रस्तुत की गई और न ही विधानसभा सत्र में चर्चा के लिए लाई गई। उन्होंने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण विषयक 117 वें संविधान संशोधन बिल को संसद से पास करा कर संविधान की नौवीं अनुसूची में डाला जाना चाहिए। जौनसार बावर शिक्षक समिति के प्रदेश अध्यक्ष रघुवीर सिंह तोमर ने कहा कि जब इस एससी एसटी वर्ग को प्रतिनिधित्व मिलेगा तभी जाकर समानता आएगी। अखिल भारतीय ओबीसी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रामबचन राम राजभर ने आरक्षण की व्यवस्था को जनसंख्या के अनुपात में लागू करने की मांग की है। सभी को जनसंख्या के अनुपात में विभागों, निजी क्षेत्र में और अन्य साधनों में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। ज्ञापन भेजने वालों में रेनू कुमारी भाटियाल, विजयपाल आजाद, सायरा, सरोज, अनीता राणा, रुखसाना आदि शामिल रहे।
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