- संगठन ने विभाग पर लगाया अनदेखी का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। अतिथि शिक्षक संघ ने उनके सुरक्षित भविष्य के लिए हरियाणा की तर्ज पर नीति बनाने की मांग की है। संगठन के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष आशीष जोशी ने कहा, पिछले चार साल में विभाग की ओर से उनकी अनदेखी की जाती रही है।
उन्होंने कहा, पिछले चार साल में न तो अतिथि शिक्षकों का मानदेय बढ़ा न ही उनके सुरक्षित भविष्य के लिए कोई नीति बनी। जिससे अतिथि शिक्षकों में नाराजगी है। उन्होंने बताया कि नवंबर 2024 में शिक्षा निदेशालय में शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में अतिथि शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि, चिकित्सा अवकाश और सुरक्षित भविष्य के लिए नीति बनाने की मांग पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक इस पर एक भी शासनादेश नहीं निकला। इसके विपरीत शासन ने दीर्घकालीन अवकाश के मानदेय को उलझाया हुआ है। संगठन के पूर्व महामंत्री दौलत जगूड़ी ने कहा, संगठन के प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है।