उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आयोग भंग करने सुझाव दिया है। उन्होंने कहा है कि सरकार को चयन आयोग भंग करने पर विचार करना चाहिए ताकि हमारे युवाओं के भविष्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ रोका जा सके।
पूर्व मुख्यमंत्री बुधवार को सुरकंडा देवी मंदिर जाते समय मसूरी में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में बार-बार इस तरह का फर्जीवाड़ा होना बड़ी चिंता का विषय है। जब वह मुख्यमंत्री थे, उस दौरान भी आयोग में कांग्रेस के शासन काल का इस तरह का एक फर्जीवाड़ा पकड़ में आया था। अब एक बार फिर से आयोग की परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया है।
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि यूपी के समय बहुत पहले भी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग बना था तो ऐसे ही फर्जीवाड़े के कारण उसे भंग किया गया था। हमारे सुयोग्य युवाओं के भविष्य के साथ खेलने वाले और शॉर्टकट अपनाने वाले कुछ लोग चयन आयोग को प्रभावित कर रहे हैं। अगर नई पीढ़ी के साथ इस तरह का अत्याचार होता है तो सरकार को आयोग को भंग करने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि फर्जीवाड़े में कोई भी शामिल हो, उसको पकड़ा जाना चाहिए और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।