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उद्योग संघों ने उठाई प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट एक्ट में संशोधन की मांग

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विभिन्न उद्योग संघों ने सरकार की ओर से लागू प्लास्टिक मैनेजमेंट एक्ट को छोटे उद्योगों के लिए अव्यवहारिक बताते हुए एक्ट में संशोधन की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि एक्ट में जो प्रावधान किए गए हैं, उनका पालन करना एमएसएमई सेक्टर के लिए सरल नहीं है। इससे एमएसएमई सेक्टर को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
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सहारनपुर रोड स्थित एक होटल में फूड इंडस्ट्री एसोसिएशन के तत्वावधान में समस्त उद्योग संघों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सरकार द्वारा लागू प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट एक्ट के प्रावधानों और नियमों पर चर्चा की गई। आईआईए के अध्यक्ष राकेश भाटिया व अध्यक्ष सिडकुल मैनुफैक्चर्स एसोसिएशन हरिद्वार ने एक्ट के विभिन्न नियमों व प्रावधानों की जानकारी दी। उत्तराखंड इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील उनियाल ने एक्ट को एमएसएमई सेक्टर के लिए अव्यवहारिक बताया। दून उद्योग व्यापार मंडल के दीपक गुप्ता ने एक्ट का विरोध किया। पर्यावरण औद्योगिक विशेषज्ञ वीके सिंह ने एक्ट में संशोधन की आवश्यकता जताई।
फूड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के संयोजक अनिल मारवाह ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर पहले से ही कोविड की मार झेल रही है। किसी तरह से यह सेक्टर उभरने की कोशिश कर रहा है। सरकार ने जो नया एक्ट लागू किया गया है, उससे इस सेक्टर के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई है। एमएसएमई सेक्टर के पास काफी कम संसाधन होते हैं। इससे यह सेक्टर टूटकर बिखर जाएगा। मांग की कि सरकार तत्काल एक्ट में संशोधन करें। निर्णय लिया गया कि जल्द ही इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी। बैठक में पवन अग्रवाल, विजय सभरवाल, केके अग्रवाल, विक्की बारी, तरुण सभरवाल, दमनजीत सिंह आदि मौजूद थे।
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