वित्त विभाग ने प्रदेश सरकार के 27 विभागों की करीब 122 ऐसी योजनाएं चिह्नित की हैं, जिनमें धनराशि का लाभ दिया जा रहा है या उसके बदले में वस्तुओं को वितरण हो रहा है। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो इस वित्तीय वर्ष में अब तक प्रदेश सरकार के 27 विभागों की 60 से अधिक योजनाओं को डीबीटी से जोड़ दिया गया है।
इन योजनाओं में संबंधित विभाग योजनाओं में मिलने वाली धनराशि सीधे लाभार्थी के खाते में भेज रहे हैं। सितंबर माह तक 870 करोड़ रुपये की राशि सीधे लाभार्थी के खाते में जा चुकी थी।
रेशम, डेयरी, वन विभाग की हीलाहवाली
अभी भी कई ऐसे विभाग हैं, जिन्होंने वित्त विभाग के बार-बार निर्देश के बाद भी अपनी योजनाओं को डीबीटी से नहीं जोड़ा है। इनमें रेशम, डेयरी, उद्योग और वन विभाग प्रमुख रूप से शामिल हैं। ये सभी विभाग अपनी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पात्रों को नकद राशि के तौर पर लाभ दे रहे हैं, जबकि उन्हें लाभ की राशि लाभार्थी के सीधे खाते में भेजनी चाहिए।
वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक, परिवहन विभाग की परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा करने की योजना भी डीबीटी से जुड़ जाएगी। इस संबंध में सचिव परिवहन ने निगम के एमडी को कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। योजना डीबीटी से जुड़ने के बाद जो भी लाभार्थी बगैर धनराशि दिए बसों में यात्रा करते हैं, उन्हें किराये का भुगतान करना होगा। बाद में ये राशि उनके खाते में जमा हो जाएगी।
विजन 2020 के तहत केंद्र व प्रदेश सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर डीबीटी से जोड़ा जा रहा है। अगले साल तक तकरीबन सभी योजनाओं को जोड़ने का लक्ष्य है। मैनेजमेंट इनफार्मेशन सिस्टम (एमआईएस) के जरिए उन योजनाओं को भी डीबीटी से जोड़ा जाएगा, जिनमें लाभार्थी का वस्तुओं का लाभ दिया जा रहा है।
-अमित सिंह नेगी, सचिव वित्त