देहरादून। उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी मंच ने राज्य सरकार पर उनकी मांगों को अनसुनी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इस पर अपनी नाराजगी जताई हैं। सेनानियों ने समस्याओं का जल्द समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानियों का आरोप है कि मुख्यमंत्री से लेकर तमाम जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को सात सूत्री मांग पत्र सौंप चुके हैं। अलग-अलग स्तरों पर हुई बातचीत में जल्द कार्रवाई का आश्वासन भी मिला। इसके बावजूद आज तक किसी भी मांग पर सरकार ने सकारात्मक फैसला नहीं लिया है। सेनानी रुकी हुई चिह्नीकरण की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने, राज्य सम्मान परिषद का उपाध्यक्ष नियुक्त करने, सभी जिलों में शहीद स्मारकों का निर्माण करने, राज्य सेनानियों के आश्रितों को रोजगार में समायोजित करने, सीमावर्ती क्षेत्रों के पलायन पर रोक की ठोस योजना बनाने और आंदोलनकारियों की लंबित मांगों पर जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष नंदा वल्लभ पांडेय, दमयंती बहुगुणा, सुनीता झिल्डियाल, कमला रावत, गीता नेगी, कला देवी, अरुणा, लीला राणा, रामेेश्वरी नेगी, विजला देवी, पार्वती रावत, लक्ष्मी सेमवाल, बीना देवी, कमला नेगी, कमला गुसांई, पुरुषोत्तम, गायत्री देवी, मंजू उनियाल, रामेश्वरी नेगी, राजकुमारी, हंसी कड़ाकोटी आदि शामिल रहीं।