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इंजीनियरिंग की उपेक्षा कर रही है सरकार : नरेंद्र

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आईएसबीटी के समीप इंजीरियर्स क्लब सभागार में इनोवेटिव डिजायन पर आयोजित सम्मेलन में बोलते यूटीयू
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एनआईटी उत्तराखंड के डिजाइन इनोवेशन सेंटर (डीआईसी) की ओर से इनोवेटिव इंजीनियरिंग डिजाइन पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार सोमवार को संपन्न हो गया। इस दौरान इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार इंजीनियरिंग विज्ञान की उपेक्षा कर रही है।
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सोमवार को आईएसबीटी स्थित इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स भवन के सेमिनार भवन में इनोवेटिव इंजीनियरिंग पर चर्चा की गई। तीन दिवसीय इस सेमिनार में शोधार्थियों ने विभिन्न विषयों पर अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। समापन पर अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार को इंजीनियरिंग के विकास से कोई सरोकार नहीं है। नए शोध और अनुसंधान की बात हवाई साबित हो रही है। धरातल पर कुछ भी नहीं हो रहा है। इंजीनियरों की संस्तुतियों को कूड़े में डाल दिया जा रहा है।
संस्था के उत्तराखंड चैप्टर के प्रमुख एके दिनकर कई बार मुख्यमंत्री से मिलने गए लेकिन उनके पास मिलने का वक्त नहीं है। संस्था भी मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए कई बार समय मांग चुकी है लेकिन उन्हें समय नहीं दिया जा रहा है।
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मुख्यमंत्री के तकनीकी सलाहकार नरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश की तरक्की में इंजीनियरों का अहम योगदान है। इस संबंध में मुख्यमंत्री विचार विमर्श किया जाएगा। पूर्व मुख्य सचिव एन रविशंकर ने शोध व विकास को इंडस्ट्री से जोड़ने की दरकार बताई। एनआईटी के निदेशक श्याम लाल सोनी ने कहा कि इंजीनियरिंग की उपेक्षा कर विकास नहीं हो सकता। एपीजे अब्दुल कलाम कॉलेज के निदेशक डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए इंजीनियरों को आगे आना होगा। इस दौरान आईईआई के राज्य सचिव धर्मचंद, एनआईटी के डॉ. पवन कुमार राकेश, अमित अग्रवाल, निशु गिरि आदि मौजूद रहे।
शोधपत्र प्रस्तुत करने वाले सम्मानित
देहरादून। तीन दिवसीय सेमिनार में देश-विदेश से विशेषज्ञ, इंजीनियर व शोध छात्र पहुंचे। कुल 93 शोधपत्र पढ़े गए। सोमवार को समापन समारोह में बेहतरीन पेपर प्रस्तुत करने वालों को सम्मानित किया गया। इसमें से साठ पेपरों को अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशन के लिए भेजा जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न शोध संस्थानों में भी शोध पत्रों का अवलोकन किया जाएगा।
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