रोजगार और विकास के सीमित संसाधनों के बीच सरकार कुछ ऐसा करने जा रही है, जिससे बड़ी तादाद में रोजगार और नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे।
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trivendra singh rawat
लाखों बेरोजगार, दबाव में सरकार
उत्तराखंड की डबल इंजन की सरकार वर्तमान में भारी जनाकांक्षाओं के दबाव का सामना कर रही है। उस पर सबसे बड़ा दबाव लाखों बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने का है। सीमित संसाधनों की सरकार चाह कर भी खाली पदों को भरने का साहस नहीं जुटा पा रही है। कर्मचारियों के वेतन और भत्तों पर सरकार के बजट बहुत हिस्सा खर्च हो रहा है। इस बोझ को वह और अधिक बढ़ाने से बच रही है। इसलिए उसकी कोशिश निजी क्षेत्र की भागीदारी से रोजगार की नई संभावनाएं पैदा करने की है।
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trivendra singh rawat
इन्वेस्टरों के लिए बिछेगी लालकार्पेट
सरकार ने तय किया है कि वह निवेशकों के लिए उत्तराखंड के दरवाजे खोलेगी। लेकिन सरकार संभावनाओं वाले क्षेत्रों में ही निवेश के लिए प्रोत्साहित करेगी। इसलिए प्रदेश में एक इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन करने का फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कहते हैं, निवेशकों का यह सम्मेलन सितंबर या अक्टूबर महीने में होगा।
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क्राइम
- फोटो : amar ujala
देश दुनिया से आएंगे निवेशक
अंतर्रष्ट्रीय निवेशक सम्मेलन में देश और दुनिया के नामी औद्योगिक घरानों को न्यौता दिया जाएगा। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने इस आयोजन के लिए हाई पावर्ड कमेटी का गठन कर दिया है। यह कमेटी सम्मेलन की तैयारियों के लिए रोडमैप बनाएगी। कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (सीआईआई) को को-इंडस्ट्री पार्टनर बनाया जाए। इसको लेकर मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बंगलुरू आदि शहरों में रोड शो किए जाएंगे। इससे पहले राज्य के विभिन्न स्थानों पर चार मिनी कॉन्क्लेव किए जाएंगे। इसके अलावा दो अंतरराष्ट्रीय रोड शो भी किए जाएंगे।
निवेश हुआ तो बढ़ेंगे नौकरियों के अवसर
उत्तराखंड सरकार इन्वेस्टर समिट के जरिए बड़े निवेश की उम्मीद कर रही है। यदि ऐसा हुआ तो आने वाले एक-दो साल में उत्तराखंड में प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार की नई संभावनाएं पैदा होंगी। कच्चे माल पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का इरादा पर्यटन, ग्रीन टेक्नोलाजी, आर्गेनकि फार्मिंग, खाद्य प्रसंस्करण समेत कई अन्य क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने का है।