उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर पूर्व मुख्यमंत्रियों से बाजार दर पर किराया वसूली के आदेश दिए थे। पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने अदालत में अपील की थी, जो खारिज हो गई।
इस बीच प्रदेश सरकार ने अध्यादेश लाकर यह व्यवस्था कर दी कि सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित आवास किराये की वसूली सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर की जाएगी।
अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि 31 मार्च 2019 से कोई पूर्व मुख्यमंत्री सरकारी आवास व अन्य सुविधाओं का हकदार नहीं होगा। भूतपूर्व होने वाले ऐसे मुख्यमंत्रियों को वाहन, चालक, जनसंपर्क अधिकारी, चतुर्थ श्रेणी कर्मी, टेलीफोन अटैंडेंट, सुरक्षा गार्ड चौकीदार, ओएसडी की सुविधा नहीं मिलेगी।