सूत्रों की मानें तो वित्त विभाग ने दीवाली बोनस को लेकर जो होमवर्क किया है, उसके अनुसार सरकारी खजाने पर करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये का भार आने का अनुमान है। ऐसे संकेत हैं कि सरकार भी बोनस को लेकर कोई विवाद खड़ा नहीं करना चाहती।
उसका दीवाली के बाद कर्मचारियों को बोनस देने का इरादा है। उधर, उत्तराखंड कार्मिक, शिक्षक आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा के प्रवक्ता अरुण पांडेय का कहना है कि दीवाली बोनस पुरानी परंपरा है और चुनाव आयोग की स्वीकृति से इसे जारी किया जा सकता है।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि सरकार दीवाली के बाद बोनस के साथ सातवें वेतनमान के भत्तों का लाभ कर्मचारियों को देगी।