उत्तराखंड में पीएमजीएसवाई की सड़कों को लेकर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने केंद्रीय मंत्री व हरिद्वार से कांग्रेस सांसद हरीश रावत को आश्वस्त किया है कि पहाड़ में परम्परागत भारी मशीनों व विस्फोटकों के स्थान पर नई सड़क बनाने या चौड़ा करने के लिए लघु मशीनरियों का उपयोग किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री हरीश रावत को भेजे पत्र में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि आपदा से प्रभावित जिलों में पीएमजीएसवाई के तहत शामिल नहीं किए गए, लेकिन वहां की सड़कों के विकास के लिए मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को पत्र लिखा जा चुका है।
पढें, सर्वे का 'मकड़जाल' या फिर होगा मोदी का कमाल
सड़कों के लिए 61.61 करोड़ का प्रस्ताव
जैसे ही राज्य सरकार से प्रस्ताव प्राप्त होंगे, तत्काल उन पर कार्यवाही होगी। फिलहाल बाढ़ से क्षतिग्रस्त पीएमजीएसवाई की सड़कों के लिए 61.61 करोड़ का प्रस्ताव राज्य की तरफ से केंद्रीय मंत्रालय को मिला है।
उत्तराखंड में पीएमजीएसवाई की सड़कों को लेकर मानकों में शिथिलता देने पर भी विचार किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश में आई दैवी आपदाओं के मद्देनजर पहाड़ में सड़कों के निर्माण, जल निकासी, सही ढलान, तट संरक्षण आदि बिन्दुओं पर विचार करने के लिए जल्द ही देहारदून में एक कार्यशाला भी आयोजित होगी।