देहरादून। उत्तराखंड में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का दस दिन का मानदेय काट दिया गया है। संगठन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आश्वासन के बावजूद मानदेय कटौती पर सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है।
उन्होंने जल्द मानदेय बढ़ाने और कटे हुए मानदेय को वापस न करने पर फिर से आंदोलन की चेतावनी दी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपनी मानदेय बढ़ोतरी की मांगों के लिए एक महीने तक धरने पर रहे थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानदेय न काटे जाने का आश्वासन दिया था। संगठन ने सरकार पर विश्वास करते हुए अपना धरना स्थगित कर दिया। हालांकि संगठन के अनुसार इस वार्ता का नकारात्मक परिणाम सामने आया। सभी कार्यकर्ताओं का दस दिन का मानदेय काट दिया गया है।
उत्तराखंड आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सेविका, मिनी कर्मचारी संगठन ने इसे सरकार और विभाग की वादाखिलाफी बताया है। संगठन की प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द मानदेय नहीं बढ़ाया गया और कटा हुआ मानदेय वापस नहीं किया गया तो वह सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। संगठन ने पोषण ट्रैकर और सभी सरकारी योजनाओं का बहिष्कार करने की भी बात कही है। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और विभाग की होगी।