ऋत्विक बहुगुणा
बसंत विहार, देहरादून।
देहरादून में रविवार को आयोजित हुई आयुष परीक्षा में मुन्नाभाईयों की धरपकड़, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए खतरे की घंटी है।
एक नहीं दो नहीं पूरे 17 मुन्नाभाई सीधे इस ओर इशारा कर रहे हैं, कि बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने के लिए एक गिरोह इस ओर सक्रिय है।
मुन्नाभाईयों की आमद चिंताजनक
प्रतियोगी परीक्षाओं में आए दिन बढ़ रही मुन्नाभाईयों की आमद चिंताजनक तो है ही साथ ही यह भी इशारा कर रही है कि एक अदद सरकारी नौकरी के लिए युवा किसी भी हद तक गुजर सकते हैं।
इसमें जितने दोषी युवा हैं उतनी ही हमारी सरकारें भी। उच्च शिक्षा के बावजूद नौकरी के लिए धक्के खा रहे युवाओं के मन में असंतोष का भाव जागना लाजमी है, लेकिन इसका कतई यह मतलब नहीं कि नौकरी के लिए अवैध ढंग से शार्टकट अपना लिया जाए।
रोजगार के नए अवसर
सरकार को समय रहते अपनी शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ ही गंभीरता से रोजगार के नए अवसरों को बढ़ाने के लिए प्रयास करना चाहिए, शायद तभी इस तरह की घटनाओं में कमी लाई जा सके।