गांव में कोई अस्पताल और सड़क न होने के कारण ग्रामीणों ने घायल को दंडी के सहारे गोपेश्वर अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया। इसके बाद ग्रामीण उसे डंडी में कंधे के सहारे 19 किमी पैदल चलकर सड़क तक लेकर आए। इसके बाद घायल को वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया। ग्रामीणों ने कहा कि पूरा रास्ता पथरीला और बर्फ से भरा होने के चलते काफी खतरनाक बना है।
बचन सिंह को अस्पताल लाने वाले ग्रामीण लक्ष्मण सिंह सनवाल, राकेश सनवाल, रामकिशेर भंडारी, आनंद सिंह सनवाल, मनोज सनवाल, सोबन सिंह आदि का कहना है कि सड़क सुविधा न होने से हम दुनिया से कटे रहते हैं। यहां डुमक, कलगोठ, किमाणा, पल्ला जखोला सहित आसपास के गांव का जीवन काफी कष्टकारी है। क्षेत्र में सड़क के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती।