मालगाड़ी का एक डिब्बा लक्सर रेलवे स्टेशन पर यार्ड के समीप डिरेल हो गया। 19 डिब्बों की मालगाड़ी एक डिब्बे को छोड़कर आगे चली गई। झटका लगने पर हादसे के संबंध में जानकारी हुई। घटना के कारण करीब ढाई घंटे तक उपासना एक्सप्रेस लक्सर रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही।
इसके अलावा इस दौरान कई अन्य यात्री ट्रेनों का भी आवागमन प्रभावित हुआ। सूचना पर रेलवे के तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मशक्कत के बाद ट्रेनों का आवागमन सुचारु कराया गया। वहीं, मालगाड़ी के डिरेल हुए डिब्बे को पटरी से हटाने के लिए हरिद्वार से स्पेशल गाड़ी मंगाई गई।
लक्सर रेलवे स्टेशन के पास बृहस्पतिवार को यार्ड लाइन नंबर सात पर लोग होल तैयार करते समय चार बजे शंटिंग किया जा रहा था। इस दौरान मालगाड़ी को लक्सर रेलवे स्टेशन से यार्ड की ओर शंटिंग में लाया जा रहा था, जहां से मालगाड़ी को फिर अंबाला के लिए रवाना किया जाना था।
इससे पहले ही मालगाड़ी का एक डिब्बा रेलवे ट्रैक से डिरेल हो गया, जबकि 18 डिब्बे आगे चले गए। झटका लगने पर मालगाड़ी के ड्राइवर को हादसे का अहसास हुआ। मालगाड़ी का डिब्बा डिरेल होने की खबर से रेलवे के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
आनन-फानन में स्थानीय अधिकारियों समेत मुरादाबाद से एडीआरएम संदीप मिश्रा भी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान लगभग तीन घंटे तक रेलवे ट्रैक पर यातायात प्रभावित हुआ। करीब ढाई घंटे तक हरिद्वार-हावड़ा उपासना एक्सप्रेस ट्रेन लक्सर रेलवे स्टेशन पर ही खड़ी रही। इसके अलावा ऋषिकेश-बांदीकुई पैसेंजर करीब दो घंटे तक पथरी रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही।
हादसे की वजह से कई अन्य ट्रेनों का भी आवागमन प्रभावित हुआ। इससे रेलयात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार तकनीकी गड़बड़ी की वजह से हादसा बताया जा रहा है, हालांकि इसके लिए मंडल रेल प्रबंधक एके सिंघल की ओर से जांच के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इसके लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है, इसमें पीडब्ल्यूआई, कैरिज एंड बैगन और लोको इंस्पजेक्टर शामिल हैं। इससे पहले घटनास्थल पर पहुंचने वाले रेलवे अधिकारियों में वाणिज्य निरीक्षक जेके ठाकुर, आईडब्ल्यू पंकज शर्मा, टीआई पीके सिंह, स्टेशन अधीक्षक संतोष कुमार आदि शामिल थे।