राजधानी दून के लोगों के लिए होली से पहले अच्छी खबर आई है। आवास विभाग अनियमित आवासीय-व्यावसायिक निर्माण की कंपाउंडिंग के लिए ओटीएस स्कीम लेकर आया है। दून के निवासियों को लंबे समय से इस स्कीम का इंतजार था।
आखिरी बार वर्ष 2021 में यह योजना आई थी। इसके बाद से हजारों ऐसे निर्माण हुए, जो अनियमित की श्रेणी में आते हैं। इन्हें नियमित कराने में काफी कंपाउंडिंग शुल्क आ रहा था। इसलिए भवनस्वामियों को ओटीएस का इंतजार था, ताकि छूट की दरों पर कंपाउंडिंग कराकर भवन को नियमित करा सकें।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि यह योजना 1 अप्रैल 2024 से शुरू होकर 30 सितंबर 2024 तक चलेगी। योजना में सभी प्रकार के निर्माण को शामिल किया गया है। शर्त यह है कि निर्माण 31 दिसंबर 2023 तक पूरा होना चाहिए। वर्ष 2017 के सर्किल रेटों के अनुसार कंपाउंडिंग की दरों को तय किया जाएगा। इसका लाभ देहरादून के अलावा विकासनगर, मसूरी व डोईवाला के लोगों को भी मिलेगा। एमडीडीए की सूची में बड़ी संख्या ऐसे डिफाल्टरों की है, जिन्होंने भवन निर्माण में नियमों को ताक पर रखा। अब वे निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने के कारण नोटिस, सीज और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई झेल रहे हैं।
एमडीडीए के अनुमान के अनुसार ओटीएस से प्राधिकरण को भी करीब 250 करोड़ का लाभ होगा। यह रकम अभी निर्माण करने वालों के पास फंसी हुई है। ओटीएस से एक बड़ी राशि प्राधिकरण के पास आ जाएगी। इसका उपयोग आगामी योजनाओं के लिए विभाग कर पाएगा।
Iऐसे कर सकेंगे अप्लाईI
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि बैंक से निर्धारित ओटीएस फार्म लेकर फीस के साथ एमडीडीए में ओटीएस काउंटर पर जमा कर इस योजना के तहत छूट पा सकेंगे।
Iये डिटेल देनी होंगीI
आवेदन करते समय आधार कार्ड, निर्माण का विवरण, पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बैंक अकाउंट डिटेल (अकाउंट नंबर, आईएफएससी कोड), मोबाइल नंबर की जानकारी देना अनिवार्य होगा।
Iऑनलाइन भी होगा आवेदनI
ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट ) स्कीम में बिना मानचित्र स्वीकृति के बने मकानों के स्वामी आवेदन ऑनलाइन एमडीडीए की वेबसाइट mddaonline.in पर कर सकेंगे।