फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड में आए फिल्मकारों के अच्छे दिन, जारी हुए आदेश

Wed, 19 Jul 2017 02:42 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तराखंड में आकर शूटिंग करने वाले फिल्मकारों के लिए सरकार ने सुविधाओं का दायरा और बढ़ा दिया है।
विज्ञापन


अब जीएमवीएन और केएमवीएन के रेस्ट हाउसों में फिल्म यूनिट के सदस्यों के लिए फीस आधी कर दी गई है। इस संबंध में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इससे पहले, सरकार फिल्म नीति लाकर फिल्मकारों के लिए कई सुविधाएं दे चुकी हैं।

राज्य की खूबसूरत लोकेशन पर शूटिंग को प्रमोट करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। 10 अगस्त 2015 को लागू फिल्म नीति में कई व्यवस्थाएं की गई हैं। हालंाकि अपेक्षित परिणाम आने अभी बाकी हैं। फिल्म नीति में उत्तराखंड में फिल्म निर्माण को प्रमोशन में पर्यटन विभाग की भूमिका को भी रेखांकित किया गया है।
विज्ञापन


इन स्थितियों के बीच, पर्यटन विभाग ने अब अपने दोनों निगमों जीएमवीएन और केएमवीएन के रेस्ट हाउसों में फिल्मकारों के लिए सुविधाओं का दरवाजा खोल दिया है। विदेश यात्रा में रवाना होने से पहले पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने फिल्मकारों को रेस्ट हाउसों में आधी फीस के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके बाद, उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। बता दें कि प्रदेश में जीएमवीएन के 93 और केएमवीएन के 46 रेस्ट हाउस हैं।
विज्ञापन

फिल्म नीति के अनुसार ये हैं सुविधाएं

Demo pic
-शूटिंग के लिए जरूरी अनुमति की प्रक्रिया को सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से सरल बनाया जाएगा।
-वन क्षेत्र या कोई अन्य ऐसे क्षेत्र, जहां पर विधिक प्रतिबंध होता हो, वहां पर शूटिंग की अनुमति के लिए फिल्म विकास परिषद प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।
-क्षेत्रीय फिल्म के लिए एकमुश्त 15000 रुपये प्रतिमाह और अन्य फिल्मों के लिए 10000 रुपये प्रतिदिन शूटिंग शुल्क लिया जाएगा, जो फिल्म विकास निधि में जमा होगा। इसके अलावा, किसी भी विभाग के स्तर पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
-क्षेत्रीय फिल्मों के वित्त पोषण के लिए बनी समिति विचार करेगी। एनसीवाईपी की बाल फिल्मों, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फिल्मों को छूट दी जाएगी। क्षेत्रीय फिल्मों को मनोरंजन कर में छूट दी जाएगी, हालांकि यह अब जीएसटी काउंसिल पर निर्भर करेगा।
-जिन फिल्मों की 50 फीसदी अथवा कुल आउटडोर शूटिंग दिवसों के आधे से अधिक शूटिंग राज्य में हुई हो, उन्हें गुण-दोष के आधार पर राज्य में टैक्स फ्री किया जाएगा।
-क्षेत्रीय बोली की फिल्मों के लिए 25 लाख तक का अनुदान मिलेगा। बाहरी राज्यों के फिल्म निर्माताओं को उत्तराखंड में शूटिंग पर 15 लाख रुपये तक का अनुदान मिल सकेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें