जिसमें कंपनी की करीब 480 हेक्टेयर जमीन की कीमत 2766 करोड़ आंकी गई। इस संपत्तियों के अलावा नानावती कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार मसूरी में तीन और ऋषिकेश में एक संपत्ति की वर्तमान बाजार कीमत के आधार पर मूल्यांकन किया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नीलामी प्रक्रिया शुरू होने से करीब 20 साल बाद निवेशकों को कंपनी में लगाया गया पैसा वापस मिलने की उम्मीद जगी है। एडीएम वित्त एवं राजस्व बीर सिंह बुदियाल ने बताया कि मसूरी व ऋषिकेश में गोल्डन फॉरेस्ट की संपत्तियों का वर्तमान बाजार दर के अनुसार मूल्यांकन किया जा रहा है। जल्द ही रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।