जसपाल राणा ने बताया कि ओलंपिक कोटे के तहत चुने गए शूटर्स को घर पर ही कोचिंग की सुविधाएं दी जा रही हैं। सभी के घर में अत्याधुनिक मशीनें लगाई गई हैं। साथ ही उनकी फिटनेस और फोकस पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है।
खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की जरूरत
जूनियर शूटिंग टीम के कोच राणा ने कहा कि युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की जरूरत है। कुछ राज्यों में खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में वरीयता दी जाती है। इससे नए खिलाड़ियों को हौसला मिलता है।
राजीव मेहता पर उठाए सवाल
राणा ने ओलंपिक संघ के महासचिव राजीव मेहता पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राजीव मेहता को अपने राज्य उत्तराखंड को इसका लाभ देना चाहिए लेकिन वह लेकिन ऐसा नहीं कर रहे हैं। नेशनल गेम के लिए जो सुविधाएं देने की तैयारियां की जा रही हैं, उनको लॉन्ग टर्म कोचिंग के लिए रखा जाना चाहिए ताकि हम राष्ट्रीय स्तर की तरह नए खिलाड़ियों को चुनकर उन पर काम करें। कोचिंग एक लॉन्ग टर्म प्रोग्राम है, जिसमें कोच से ज्यादा खिलाड़ी की भूमिका होती है।